ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला डार्विन में खेला गया। इस मुकाबले में बांग्लादेश ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से रौंद दिया। ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर बांग्लादेश की यह पहली टेस्ट जीत रही। उसने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 198 रन पर ढेर करने के बाद 426 रन बनाकर 228 रन की भारी भरकम बढ़त हासिल की। इसके बाद बांग्लादेश ने कंगारू टीम की दूसरी पारी 284 पर समेटी और 57 रन के टारगेट को 14.1 ओवर में हासिल कर इतिहास रच दिया। आइए जानते हैं

बांग्लादेश की इस ऐतिहासिक जीत के 5 हीरो कौन हैं।

हसन महमूद

तेज गेंदबाज हसन महमूद ने मैच में 9 विकेट झटके और प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने पहली पारी में 6 विकेट, जबकि दूसरी पारी में 3 विकेट झटके। हसन महमूद ने दोनों पारियों में ऑस्ट्रेलियाई ओपनर्स ट्रेविस हेड और जेक वेदराल्ड को पवेलियन भेजा। उन्होंने बल्ले से भी 14 रन का योगदान दिया। हसन महमूद ने रन भले ही कम बनाए लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह रहा कि उन्होंने 92 गेंद का सामना किया। उन्होंने मेहदी हसन मिराज के साथ 7वें विकेट के लिए उस समय 46 रन की साझेदारी की, जब बांग्लादेश ने 11 रन के अंतराल में 4 विकेट खो दिए थे।

 

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मेहदी हसन मिराज

ऑफ स्पिन ऑलराउंडर मेहदी हसन ने मिराज ने सातवें नंबर पर आकर 65 बहुमूल्य रन बनाए, जिससे बांग्लादेश ने अपनी पहली पारी में 400 रन का आंकड़ा पार किया और विशाल बढ़त हासिल की। मेहदी ने इसके बाद गेंदबाजी में कमाल दिखाते हुए 5 विकेट झटके और ऑस्ट्रेलिया को बड़ा टारगेट सेट नहीं करने दिया। उन्होंने दूसरी पारी में स्टीव स्मिथ का बड़ा झटका, जो बांग्लादेश की जीत में अहम साबित हुआ।

तंजिद हसन

बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी जल्दी समेट दी थी लेकिन उसे मुकाबले पर पकड़ बनाए रखने के लिए बल्ले से भी अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत थी। तंजिद हसन ने रन बनाने का जिम्मा उठाया और उन्होंने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़ते हुए बांग्लादेश को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उन्होंने शदमान इस्लाम के साथ 36 रन की ओपनिंग साझेदारी की और फिर मोमिनुल हक के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 98 रन जोड़े। 

 

तंजिद ने कप्तान नजमुल हुसैन शांटो के साथ तीसरे विकेट के लिए भी 93 रन की पार्टनरशिप की। वह जब 101 रन बनाकर चौथे विकेट के रूप में आउट हुए, उस समय तक बांग्लादेशी टीम 33 रन की लीड बना चुकी थी। तंजिद दूसरी पारी में खाता नहीं खोल सके लेकिन छोटे रन चेज में इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ा।

 

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नजमुल हुसैन शांटो

कप्तान शांटो ने पहली पारी में 126 गेंद में 84 रन ठोके। वह भले ही शतक से चूक गए लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को कभी हावी नहीं होने दिया। शांटो ने बेहतरीन कप्तानी का भी मुजायरा पेश किया। पूरे मुकाबले के दौरान उन्होंने गेंदबाजों को अच्छे से चलाया और ऑस्ट्रेलिया को बड़ी साझेदारी नहीं बनाने दी, जिससे बांग्लादेश ने मैच पर कभी कंट्रोल नहीं खोया।

तस्कीन अहमद 

अनुभवी तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने पहली पारी में कैमरन ग्रीन और ब्यू वेबस्टर के विकेट झटके। उन्होंने दूसरी पारी में मिचेल स्टार्क को चलता किया। तस्कीन ने मुकाबले में सिर्फ 3 ही विकेट लिए लेकिन उन्होंने दूसरे छोर से लगातार दबाव बनाकर बाकी गेंदबाजों की मेहनत को बेकार नहीं जाने दिया। उन्होंने बांग्लादेश की पहली पारी में बल्ले से भी 14 रन का योगदान दिया।