FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत को अपने दूसरे पूल मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 4-2 से हार का सामना करना पड़ा। 17 अगस्त को नीदरलैंड्स के एम्सटेलवीन में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले हाफ में शानदार प्रदर्शन करते हुए 2-1 की बढ़त बनाई थी लेकिन दूसरे हाफ में टीम अपनी लय बरकरार नहीं रख सकी। इंग्लैंड ने लगातार दबाव बनाते हुए चार गोल किए और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस हार के बाद भारत के लिए अगले दौर की राह चुनौतीपूर्ण हो गई है। टीम को 19 अगस्त को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले मुकाबले में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। अगर मैच ड्रॉ रहता है तो भारत के क्वालीफाई करने की संभावना बनी रहेगी लेकिन इसके लिए वेल्स को इंग्लैंड के खिलाफ जीत हासिल करनी होगी।
यह भी पढ़ें: भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को ड्रॉ पर रोका, अब आगे का रास्ता कैसा है?
पहले हाफ में भारत का पलड़ा भारी
भारत ने मैच की शुरुआत आक्रामक खेल के साथ की। हाई प्रेस के जरिए टीम ने इंग्लैंड पर दबाव बनाया और गेंद पर भी अच्छी पकड़ रखी। हालांकि, इंग्लैंड ने काउंटर अटैक से भारतीय डिफेंस को परेशान किया। नौवें मिनट में सुमित को खराब टैकल के लिए ग्रीन कार्ड मिला, जिसके कारण भारत दो मिनट तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेला। इंग्लैंड ने इसका फायदा उठाते हुए पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया और निकोलस बैंडुराक ने गोल कर टीम को 1-0 से आगे कर दिया।
यह भी पढ़ें: चिकारा ने काटा गदर, रिंकू भी मार रहे; UP T20 लीग में स्टार प्लेयर्स का ये है हाल
दूसरे क्वार्टर में भारत ने वापसी की। वीडियो रिव्यू के बाद मिले पेनल्टी कॉर्नर पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार ड्रैग-फ्लिक से गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद हार्दिक सिंह और अभिषेक के शानदार तालमेल से दिलप्रीत सिंह ने गोल कर भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी।
ब्रेक के बाद इंग्लैंड ने बदला खेल
दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने मैच पर दबाव बढ़ा दिया। 39वें मिनट में स्टुअर्ट रशमेयर ने डिफ्लेक्शन के जरिए गोल कर स्कोर 2-2 कर दिया। इंग्लैंड को भी कुछ देर के लिए 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा लेकिन भारत इसका फायदा नहीं उठा सका। 44वें मिनट में रशमेयर के शानदार पास पर हेनरी क्रॉफ्ट ने गोल कर इंग्लैंड को 3-2 से आगे कर दिया। यह वर्ल्ड कप में उनका पहला गोल था।
यह भी पढ़ें: चीते जैसी छलांग, एक हाथ से कैच... शुभमन गिल ने क्रिकेट वर्ल्ड को किया स्तब्ध
आखिरी क्वार्टर में भारत ने बराबरी की कोशिश की लेकिन गोल करने के मौकों को भुना नहीं सका। हरमनप्रीत का ड्रैग-फ्लिक ठीक से ट्रैप नहीं हो पाया, जबकि अभिषेक का शॉट भी लक्ष्य से बाहर चला गया। नीलकांत को येलो कार्ड मिलने के बाद भारत को पांच मिनट तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इंग्लैंड ने लगातार पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए और बैंडुराक ने अपना दूसरा गोल कर स्कोर 4-2 कर दिया। इसके बाद भारत वापसी नहीं कर सका। इंग्लैंड ने आखिरी मिनटों में गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और मुकाबला जीत लिया।
