टीम इंडिया को आखिरकार यूनाइटेड किंगडम (UK) दौरे पर पहली जीत मिल गई है। आयरलैंड और इंग्लैंड के हाथों टी20 सीरीज में पिटने के बाद भारतीय टीम ने अंग्रेजों के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में जीत दर्ज कर लगातार हार के सिलसिले को तोड़ा। मंगलवार (14 जुलाई) को बर्मिंघम के एजबेस्ट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में शुभमन गिल ब्रिगेड ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी इंग्लिश टीम 6 विकेट 107 रन पर गिरा दिए थे। जो रूट (नाबाद 76) और लियाम डावसन ने (68) ने अर्धशतकीय पारियां खेल इंग्लैंड को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
इसके जवाब में भारतीय टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और उसने 50 रन के अंदर रोहित शर्मा (11) और विराट कोहली (5) के विकेट गंवा दिए। कप्तान शुभमन गिल ने एक छोर से आक्रामक पारी खेल टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। लग रहा था कि शुभमन जीत दिलाकर ही लौटेंगे लेकिन उन्हें 149 के कुल स्कोर पर मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैदान छोड़ना पड़ा। उनके वापस जाते ही हेड कोच गौतम गंभीर का प्रयोग शुरू हुआ और टीम जीत के सिचुएशन से मुश्किल में आ गई।
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गंभीर का 'सुंदर' प्रयोग जारी
शुभमन 75 गेंद में 80 रन बनाकर रिटायर हर्ट हुए। दूसरे छोर पर श्रेयस अय्यर खड़े थे। भारत पूरी तरह से कंट्रोल में था। इसके बाद केएल राहुल को बल्लेबाजी के लिए आना था लेकिन गंभीर ने वॉशिंगट सुंदर को भेज दिया। सुंदर ने नंबर-5 पर आकर नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली लेकिन अपनी बैटिंग पोजिशन गंवाने से राहुल लगातार दूसरे मैच में फेल हुए। इससे पहले उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ लखनऊ वनडे में छठे नंबर पर धकेला गया था, जहां वह गोल्डन डक पर आउट हो गए थे।
एजबेस्टन में राहुल 3 गेंद खेलकर 1 रन ही बना सके। अभी-अभी श्रेयस रन आउट हुए थे। ऐसे में राहुल का विकेट गिरते ही टीम इंडिया का स्कोर 160/4 हो गया। जीत के लिए अभी 99 रन चाहिए थे। एक पल को लगा कि अब मुश्किलें बढ़ सकती हैं लेकिन अक्षर पटेल ने बेहतरीन पारी खेल टीम इंडिया को आसान जीत दिला दी। हालांकि सवाल अभी भी वही है कि राहुल के पोजिशन से छेड़-छाड़ क्यों?
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नंबर-5 पर खुद को स्थापित कर चुके हैं राहुल
राहुल वनडे टीम में नंबर-5 पर अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। उन्होंने इस बैटिंग पोजिशन पर 35 पारियों में 63.20 के बेजोड़ औसत और 100.59 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से 1517 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 3 शतक निकले हैं। राहुल वनडे क्रिकेट में 1 से लेकर 7 नंबर तक बैटिंग कर चुके हैं लेकिन उनका बेस्ट पांचवें नंबर पर ही आता है। फिर भी समझ से बाहर है कि आखिर उन्हें बैटिंग ऑर्डर में नीचे धकेल क्या हासिल करने की कोशिश है। हम पहले ही टी20 में देख चुके हैं कि बैटिंग ऑर्डर में छेड़छोड़ का क्या नतीजा रहा है।
बैटिंग नहीं कराना तो शिवम दुबे क्यों?
अगला वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होना है, जहां हार्दिक पंड्या के अलावा एक और सीम ऑलराउंडर की जरूरत होगी। हार्दिक का साथ देने के लिए नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा को तैयार किया जा रहा है। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में ये तीनों ही खिलाड़ी चोट के चलते बाहर हैं। ऐसे में शिवम दुबे को मौका मिला है।
शिवम दुबे ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में 6 ओवर डाले और 27 रन देकर विल जैक्स का विकेट झटका। रन चेज में उनकी बल्लेबाजी की बारी नहीं आई। टीम मैनेजमेंट ने उन्हें नंबर-8 पर स्लॉट किया था। शिवम दुबे के पास जैसी बल्लेबाजी क्षमता है, उसे देखते हुए उन्हें इतना नीचे रखना मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल खड़ा करता है। अगर उनसे इस पोजिशन पर बल्लेबाजी कराना है, तो इससे अच्छा कुलदीप यादव को मौका क्यों नहीं?
