बाबू वीर कुंवर सिंह की वीरगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए स्मृति संग्रहालय का कायाकल्प होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भोजपुर जिले के जगदीशपुर स्थित बाबू वीर कुंवर सिंह स्मृति संग्रहालय का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महान स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और संग्रहालय में प्रदर्शित विभिन्न ऐतिहासिक और पुरातात्विक सामग्रियों को देखा।

 

मुख्यमंत्री ने संग्रहालय में उनके जीवन, संघर्ष, शौर्य और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों और घटनाओं की विस्तृत जानकारी ली। बाबू वीर कुंवर सिंह के जीवन और काम पर आधारित लघु फिल्म भी मुख्यमंत्री के सामने दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने फिल्म को ध्यान से देखा और उनके योगदान को याद किया।

 

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बेहतर और आकर्षक बनेगा संग्रहालय

मुख्यमंत्री के सामने बाबू वीर कुंवर सिंह स्मृति संग्रहालय के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण से जुड़ा विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि संग्रहालय को किस तरह नया रूप दिया जाएगा, पर्यटकों के लिए क्या सुविधाएं होंगी और ऐतिहासिक धरोहरों को कैसे सुरक्षित रखा जाएगा। प्रस्तुतीकरण देखने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंवर सिंह स्मृति संग्रहालय का सौंदर्यीकरण और कायाकल्प बेहतर और आकर्षक तरीके से किया जाए। यह जगह सिर्फ पर्यटकों के लिए ही नहीं, बल्कि बाबू वीर कुंवर सिंह के जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन पर अध्ययन करने वाले शोधार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसलिए यहां आने वाले शोधार्थियों के रहने और दूसरी जरूरी सुविधाओं की अच्छी व्यवस्था की जाए।

 

उन्होंने कहा कि संग्रहालय में मौजूद ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्यों को उनके मूल रूप में सुरक्षित रखा जाए और उनके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हो। इतिहास के साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। जो चीजें जैसी हैं, उन्हें उसी तरह सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने संग्रहालय परिसर में स्थित तालाब का भी बेहतर तरीके से सौंदर्यीकरण कराने का निर्देश दिया। तालाब के चारों ओर घाट, लाइटिंग और बैठने की व्यवस्था की जाए, ताकि पर्यटक वहां समय बिता सकें।

 

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CM ने देखे विभागों के स्टॉल

मुख्यमंत्री ने संग्रहालय परिसर में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग और कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से लगाए गए अलग-अलग स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागों की ओर से चलाए जा रहे योजनाओं और लोगों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। शिक्षा विभाग के स्टॉल पर उन्होंने बच्चों की शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के बारे में पूछा। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल पर पेंशन और दूसरी योजनाओं की जानकारी ली।

 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने भूमिहीन लाभार्थियों को बासगीत पर्चा दिया। पर्चा मिलने के बाद लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना के लाभार्थियों ने पेंशन मिलने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। कलाकारों ने कहा कि सरकार ने उनकी सुध ली है, इसके लिए धन्यवाद। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों से जिले में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि जिला अस्पतालों से मरीजों को पहले की अपेक्षा काफी कम संख्या में बाहर रेफर किया जा रहा है। इसके कारण जिला अस्पतालों में ऑपरेशन की संख्या पहले की तुलना में करीब तीन गुना बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने इस पर संतोष जताया और इसे और बेहतर करने को कहा।

 

मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों की ओर से बनाए गए विभिन्न उत्पादों को भी देखा और उनके उत्पादों और प्रयासों की सराहना की। जीविका दीदियों ने अचार, पापड़, हैंडीक्राफ्ट और अन्य उत्पाद बनाए थे। मुख्यमंत्री ने कहा, 'जीविका दीदियां आत्मनिर्भर बन रही हैं यह गर्व की बात है।' इस अवसर पर योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा, कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री सह भोजपुर जिला के प्रभारी मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक राधा चरण साह, विधायक राकेश ओझा, विधान पार्षद जीवन कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।