केरल के कोल्लम जिले में बांग्लादेशी घुसपैठियों से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) की टीम ने 10 लोगों को हिरासत में लिया है, जो बांग्लादेश से अवैध रूप से केरल में रह रहे थे। एटीएस की टीम को इन बांग्लादेशी लोगों के पास से फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड मिले। इसके बाद अधिकारियों ने जांच शुरू की कि ये दस्तावेज कैसे बनवाए गए। 'मातृभूमि' मीडिया रिर्पोट मुताबिक, लोग 700 रुपये देकर फर्जी पहचान पत्र बनवा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, ये लोग प्रवासी मजदूर बनकर रह रहे थे।
कोल्लम के कोट्टाराक्कारा इलाके से 10 बांग्लादेशी लोगों को एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ने हिरासत में लिया। एटीएस के मुताबिक, ये लोग न सिर्फ केरल में रह रहे थे बल्कि भारतीय नागरिक बनकर काम भी कर रहे थे, जिससे वे अपनी जीविका चला रहे थे। यह मामला देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
यह भी पढ़ें: घर में घुसे बांग्लादेशी चोर, पूरे परिवार को बनाया बंधक, 9 लाख के गहने लेकर भागे
फर्जी दस्तावेज बनाकर रहे
एटीएस के मुताबिक, बांग्लादेशी लोग फर्जी आधार कार्ड बनवा चुके थे, जिसके आधार पर वे खुद को भारतीय नागरिक बताते थे। इसी सिलसिले में एक अंग्रेजी वेबसाइट की रिपोर्ट में अहम दावा किया गया है। दावे के मुताबिक, केरल में रह रहे बांग्लादेशी लोग 700 रुपये देकर आधार कार्ड और राशन कार्ड बनवा रहे थे। इन्हीं दस्तावेजों के जरिए वे भारतीय योजनाओं का लाभ भी उठा रहे थे।
पुलिस अधिकारियों ने अंदाजा लगाया है कि बेंगलुरु में फर्जी कागजात बनाने वाला एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जो बेहद सटीक तरीके से फर्जी आधार कार्ड तैयार कर रहा है। फिलहाल पुलिस इस फर्जी दस्तावेज नेटवर्क को लेकर जांच-पड़ताल में जुटी है।
यह भी पढ़ें: 'अटेंप्ट टू मर्डर का केस करो', बुजुर्ग को मारने वाले ड्राइवर पर बोले एकनाथ शिंदे
माइग्रेशन चेन का हुआ खुलासा
जांच में अधिकारियों को पता चला है कि कई लोग सालों पहले बांग्लादेश से पलायन कर केरल में बस गए थे। ये लोग अब अपने बांग्लादेशी रिश्तेदारों को भी केरल बुलाकर रख रहे हैं। इस बात का खुलासा तब हुआ जब मुगल खातून नाम की एक महिला पश्चिम बंगाल के रास्ते केरल आई थी। इसके बाद मुगल खातून ने अपने कई बांग्लादेशी रिश्तेदारों को भी केरल बुला लिया था। अधिकारियों के मुताबिक, मुगल खातून गिरफ्तारी से ठीक पहले बांग्लादेश वापस गई थी। इसके बाद वह फिर भारत लौट आई।
