उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सीतापुर के व्यापारी नीतेश मौर्य की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। व्यापारी की हत्या के पीछे 24 लाख रुपये का लेनदेन और एक महिला से बातचीत को लेकर उपजा विवाद सामने आया है।

 

पुलिस के मुताबिक, रुपये वापस मांगने से नाराज मुख्य आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर नीतेश की हत्या की साजिश रची और इसके लिए पांच लाख रुपये की सुपारी दी। आरोपियों ने व्यापारी को रास्ते से अगवा किया और सीतापुर ले जाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

 

शनिवार को एसपी रवीना त्यागी ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद की गई है।

पुलिस के मुताबिक, 29 अक्टूबर को सीतापुर जिले के सदरपुर थाना क्षेत्र के सरैया महिपतपुर निवासी नीतेश कुमार मौर्य लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र स्थित अपनी बहन के घर से मोटरसाइकिल से वापस लौट रहा था। इसी दौरान बाराबंकी के बड्डूपुर थाना क्षेत्र में डफरपुर चौराहे के पास आरोपियों ने उसे घेर लिया।

 

डॉ. राजेंद्र प्रसाद हॉस्पिटल के पास उसे जबरन कार में बैठाकर अगवा कर लिया गया। उसकी मोटरसाइकिल और सिलेंडर सड़क किनारे छोड़ दिए। बाद में नीतेश का शव सीतापुर के पिसावां थाना क्षेत्र में पन्ना ढाबे के पास मिला। परिजनों की तहरीर पर बड्डूपुर थाने में अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।

आरओ प्लांट और धान के कारोबार में फंसे थे 24 लाख

पुलिस की जांच में हत्या की वजह 24 लाख रुपये का विवाद सामने आया। पूछताछ में मुख्य आरोपी मनोज मौर्य ने बताया कि उसने नीतेश से आरओ प्लांट लगवाने के नाम पर 14 लाख रुपये लिए थे। इसके अलावा दोनों धान खरीद के कारोबार में भी साथ थे। इस कारोबार में भी मनोज पर नीतेश के करीब 10 लाख रुपये बकाया थे।

 

इस तरह कुल 24 लाख रुपये को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। नीतेश लगातार अपने रुपये वापस मांग रहा था। पुलिस के मुताबिक, इसी बात से नाराज होकर मनोज ने अंकित गुप्ता के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई।

 

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महिला से बातचीत को लेकर भी थी रंजिश

पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश के पीछे एक महिला से बातचीत को लेकर भी विवाद था। नीतेश एक महिला के संपर्क में था और अंकित गुप्ता भी उससे बातचीत करता था। इस बात को लेकर दोनों के बीच रंजिश बढ़ गई थी।

 

मनोज और अंकित ने मिलकर नीतेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके बाद मनोज ने दीपू उर्फ दिलीप कुमार वर्मा को पांच लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी। दीपू ने अमरेंद्र वर्मा समेत अन्य लोगों को भी इस साजिश में शामिल किया।

फोन पर मिली लोकेशन, रास्ते में घेरकर अगवा किया

एसपी रवीना त्यागी ने बताया कि 29 अक्टूबर को नीतेश जब अपनी बहन के घर से लौट रहा था, तभी संबंधित महिला ने फोन पर अंकित गुप्ता को उसके वापस आने की जानकारी दी थी। इसके बाद आरोपियों ने बड्डूपुर क्षेत्र में डॉ. राजेंद्र प्रसाद हॉस्पिटल के पास उसे रोककर कार में बैठा लिया।

 

पुलिस के मुताबिक, अपहरण के बाद उसे सीतापुर के पिसावां थाना क्षेत्र में पन्नू फैमिली रेस्टोरेंट से करीब 200 मीटर आगे स्थित एक ट्यूबवेल पर ले जाया गया। वहां उसके साथ मारपीट की गई और गला काटकर हत्या कर दी गई।

घायल व्यापारी ने कागज पर लिखे आरोपियों के नाम

पुलिस के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल नीतेश ने आरोपियों के नाम एक कागज पर लिखे थे। बाद में सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने घटनास्थल और अन्य साक्ष्यों के साथ डिजिटल डेटा और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज की गई।

भगौली पुलिया के पास से चार आरोपी गिरफ्तार

एसपी के निर्देश पर स्वाट, सर्विलांस और बड्डूपुर थाने की संयुक्त टीम को मामले के खुलासे में लगाया गया था। टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस, डिजिटल डेटा और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू की। शनिवार 31 अक्टूबर को पुलिस ने भगौली पुलिया के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकित गुप्ता निवासी सरैया कादीपुर, थाना रामपुर कलां; दीपू उर्फ दिलीप कुमार वर्मा निवासी फरीदपुर, थाना रामपुर मथुरा; अमरेंद्र वर्मा निवासी शेहारुखेड़ा, थाना महमूदाबाद और मनोज मौर्य निवासी सरैया महिपतसिंह, थाना सदरपुर, जिला सीतापुर के रूप में हुई है।

 

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वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है। पूछताछ में दीपू ने बताया कि उसने इस कार को वारदात से मिली रकम से खरीदा था। पुलिस अब मामले में दो अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।