बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के 2,996 विद्यालयों के नए भवनों का निर्माण होगा। उनमें 16,440 नई कक्षाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही नवस्थापित 211 डिग्री महाविद्यालयों के स्थायी कैंपस का निर्माण भी जल्द शुरू होगा।

 

सम्राट चौधरी ने बताया कि सरकार ने जमीन चिह्नित कर ली है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में यह जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलकर इस समस्या को खत्म कर दिया है।

 

बैठक में शिक्षा तथा उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन भी मौजूद थे। उन्होंने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से स्थायी कैंपस के डिजाइन प्लान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने साइट प्लान, फ्लोर प्लान सहित निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता के बारे में भी बताया। 

 

राजीव रौशन ने जानकारी दी कि महाविद्यालयों के स्थायी कैंपस का निर्माण आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा। नए डिग्री महाविद्यालयों में क्लासरूम, लैब, थिएटर और किचन के साथ अलग-अलग छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा।

लैब भी, लेक्चर थिएटर भी

सचिव राजीव रौशन ने प्रस्तावित महाविद्यालयों की रूपरेखा बताई। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित नए महाविद्यालयों में क्लासरूम, केमिस्ट्री लैब, लेक्चर थिएटर, साइंस ब्लॉक, कंप्यूटर लैब, जूलॉजी लैब, आर्ट ब्लॉक, लाइब्रेरी ब्लॉक, किचन तथा छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। हर कॉलेज को मॉडल कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

 

‘15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन की शुरुआत कराई गई है, ताकि बच्चों को अपने ही प्रखंड में उच्च शिक्षा मिल सके। अब तक छात्रों को डिग्री की पढ़ाई के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों में जाना पड़ता था। इससे गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों, खासकर लड़कियों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन अब सरकार ने हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलकर इस समस्या को खत्म कर दिया है। इन कॉलेजों का स्थायी कैंपस बनने से छात्रों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। अभी ये कॉलेज अस्थायी भवनों में चल रहे हैं, लेकिन जल्द ही इनके अपने भवन होंगे। सरकार ने इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।’ — सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार।

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2,996 विद्यालयों के नए भवन

मुख्यमंत्री ने 2,996 विद्यालयों के नए भवनों को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के कई विद्यालयों के भवन जर्जर हो चुके हैं। कई जगह कक्षाओं की कमी है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसलिए 2,996 विद्यालयों के नए भवनों तथा उनमें 16,440 कक्षाओं का निर्माण कराया जाएगा। इससे बच्चों को बैठने की बेहतर सुविधा मिलेगी और पढ़ाई का माहौल सुधरेगा। शिक्षा सरकार की प्राथमिकता है। बिना शिक्षा के बिहार का विकास संभव नहीं है। सरकार चाहती है कि बिहार का हर बच्चा पढ़े और आगे बढ़े। इसके लिए स्कूल से लेकर कॉलेज तक हर स्तर पर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।

 

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सरकार का लक्ष्य टॉप 5 राज्यों में शामिल होना

सचिव राजीव रौशन ने बताया कि नए विद्यालय भवनों का डिजाइन भी आधुनिक होगा। इनमें स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला, खेल का मैदान और शौचालय जैसी सभी सुविधाएं होंगी। दिव्यांग बच्चों के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। भवनों का निर्माण जल्द शुरू होगा और एक साल के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

 

सभी ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि इससे बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि बिहार बदल रहा है। अब बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति आ रही है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक बिहार शिक्षा के क्षेत्र में देश के टॉप 5 राज्यों में शामिल हो।