बिहार के सम्राट चौधरी सरकार में कैबिनेट मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने बिहार में हो रही हत्याओं पर कहा है राज्य बड़ा है, ऐसे अपराध होते रहते हैं, क्या किया जा सकता है। उन्होंने शनिवार को पत्रकारों को नसीहत भी दी है कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं, उन्हें खुद भी पता लगाना चाहिए कि ऐसा क्यों हो रहा है। अब उनके बयान पर सम्राट चौधरी सरकार की खूब किरकिरी हो रही है। विपक्ष का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में जब मंत्रियों का ऐसा हाल है, तब आम आदमी का क्या हाल होगा।
बिहार में बीते कुछ दिनों में कई हत्याएं हुईं हैं। शुक्रवार रात पवना बाजार में दुर्गा पूजा मेला देखने गए 18 साल के छात्र शांतनु कुमार को बाइक सवार हमलावरों ने गोली मार दी। इससे दो दिन पहले गुरुवार सुबह आरा में 70 साल के रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह क्षत्रिय कल्याण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष थे।
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'बिहार इतना बड़ा राज्य है, हत्या तो होती रहती हैं'
भगवान सिंह कुशवाहा, मंत्री, बिहार सरकार:-
हत्या तो होगा। क्या कीजिएगा। सरकार खत्म नहीं हुआ है। हत्याएं होती रहती हैं, इतना बड़ा बिहार है, पता किए हैं काहें हुआ है, खाली सवाल कीजिएगा कि हल खोजिएगा?पत्रकारों ने जब मंत्री से बिहार हत्याकांड पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि हत्या तो होगा ही, क्या कर सकते हैं, बिहार इतना बड़ा राज्य है। उन्होंने यह भी पूछा कि पत्रकार उनसे क्यों पूछ रहे हैं और कहा कि खुद पता लगाइए, आप लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी दल राज्य सरकार से अपराध की घटनाओं पर बार-बार सवाल कर रहे हैं। मंत्री ने परिवार को कार्रवाई का भरोसा तो दिया, लेकिन उनके शब्दों की सार्वजनिक आलोचना हो रही है।
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अनंत सिंह का बयान लोग भूल जाएंगे?
जनता दल यूनाइटेड के विधायक अनंत कुमार सिंह के एक बयान पर भी बिहार में हंगामा बरपा है। मोकामा से विधायक अनंत सिंह ने शुक्रवार को एक मीडिया एजेंसी से बातचीत में नीतीश कुमार के साथ अपने पुराने रिश्तों का जिक्र किया। अनंत सिंह ने नीरज कुमार को विधान परिषद उम्मीदवार बनाने पर भड़कते हुए कहा था कि पार्टी और नीतीश कुमार के लिए उनसे ज्यादा कुर्बानी किसने दी है।
अनंत सिंह ने कहा था कि नीतीश कुमार की मदद के लिए उन्होंने 9 लोगों की हत्या करवाई। इस पर हंगामा हुआ तो अनंत सिंह ने अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत मतलब ही निकाल लिया गया है। उनका कहना था कि वे अपने नौ साथियों की हत्या की बात कर रहे थे, जो नीतीश कुमार के साथ आने के बाद हुई।
उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार ने उनके भाई को विधानसभा चुनाव का टिकट दिलाने के लिए लालू प्रसाद यादव से बात की थी। यह उस दौर की बात है जब दोनों नेता साथ थे। अनंत सिंह के मुताबिक बाद में दोनों नेताओं के रास्ते अलग हुए, तब भी वह नीतीश कुमार के साथ खड़े रहे। उन्होंने यह भी दावा किया कि नीतीश कुमार के साथ आने के बाद उन पर गोली चलाई गई और उनके 9 साथी मारे गए।
