उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया है। वह काफी समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और इलाज के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके अचानक चले जाने से परिवार, समर्थकों और पार्टी के सभी लोगों में बहुत दुख का माहौल है।

 

उमाशंकर सिंह पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार थे। लखनऊ के एक बड़े अस्पताल में स्पेशल डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। उनके परिवार के लोग लगातार डॉक्टरों के संपर्क में थे और उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए थे। इसी दौरान उनके निधन की खबर सामने आई जिससे उनके चाहने वालों को बहुत बड़ा झटका लगा है।

 

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2022 में बचाई थी पार्टी की इज्जत

साल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीएसपी का प्रदर्शन बहुत खराब रहा था और पार्टी के ज्यादातर उम्मीदवार चुनाव हार गए थे। ऐसे मुश्किल वक्त में उमाशंकर सिंह अकेले ऐसे नेता थे जिन्होंने अपनी लोकप्रियता के दम पर रसड़ा सीट पर शानदार जीत हासिल की थी और पार्टी की इज्जत बचाई थी। राजनीति के अलावा वह एक सफल कारोबारी भी थे और 'छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन' नाम की कंपनी चलाते थे। इसके साथ ही वह बलिया क्षेत्र में गरीब बेटियों की शादी के लिए बड़े पैमाने पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम भी आयोजित करते थे।

मायावती और अखिलेश यादव ने जताया दुख

उमाशंकर सिंह के जाने से कई बड़े नेताओं ने दुख जताया है। बीएसपी प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा कि उनका जाना पार्टी के लिए बहुत बड़ा नुकसान है और पार्टी के प्रति उनकी ईमानदारी व समाज सेवा के कामों को हमेशा याद रखा जाएगा। मायावती के साथ उनके संबंध बहुत अच्छे और परिवार जैसे थे, यहां तक कि पिछले रक्षाबंधन पर मायावती ने उन्हें राखी भी बांधी थी।

इसके अलावा समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी शोक जताते हुए कहा कि उनका चले जाना राजनीति की दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा घाटा है।

 

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उमाशंकर सिंह अपने इलाके के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय और जमीन से जुड़े नेता माने जाते थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही उनके गृह जिले बलिया और रसड़ा में मातम पसर गया। उनके आवास और कार्यालय पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटने लगी है।