राहुल गांधी 17 जुलाई को उत्तराखंड जाने वाले हैं और इस दौरान देहरादून के परेड ग्राउंड में उनका छात्रों की गूंज कार्यक्रम प्रस्तावित था। कार्यक्रम के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 8 जुलाई को अनुमति मांगी थी और नगर निगम और जिला प्रशासन ने अनुमति भी दे दी थी। कांग्रेस पार्टी ने इसके लिए जरूर प्रक्रिया को पूरी करने का दावा भी किया। कल 14 जुलाई को इस प्रोग्राम से जुड़े सामान से लगे ट्रकों को परेड ग्राउंड के बाहर ही रोक दिया गया। इसके बाद कांग्रेस पार्टी के नेताओं की परेशानी बढ़ गई और देर रात ही कांग्रेस पार्टी के नेता परेड ग्राउंड की ओर मार्च करने लगे और रात के अंधेरे में ही परेड ग्राउंड पहुंच गए।
दरअसल, कांग्रेस पार्टी को इस कार्यक्रम के लिए 15, 16 और 17 जुलाई की अनुमति मिली थी। हालांकि, सामान से लदे ट्रक 14 तारीख को ही ग्राउंड के बाहर पहुंच गए। इसके बाद विवाद शुरू हुआ। 15 तारीख की अनुमति है, इसलिए प्रदेश कांग्रेस के नेता रात 11 बजे कांग्रेस भवन में इकट्ठा हुए और वहां से ग्राउंड की ओर कूच किया।
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परेड ग्राउंड की अनुमति रद्द
कांग्रेस पार्टी के नेता देर रात परेड ग्राउंड पहुंचे लेकिन उन्हें बताया गया कि उनकी परमिशन रद्द कर दी गई। नेताओं को बताया गया कि परेड ग्राउंड में एक कार्यक्रम चल रहा है लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इसको लेकर बीजेपी पर आरोप लगाया। उन्होंने परेड ग्राउंड पहुंचकर कहा कि हमारे पास तीन दिन की अनुमति है लेकिन अब प्रशासन कह रहा है कि यहां कोई कार्यक्रम चल रहा है।
उन्होंने कहा, 'सरकार यह कह रही है कि यहां एक कार्यक्रम चल रहा है और इसको भारत सरकार ने दो दिन के लिए बढ़ा दिया है। अब 17 तारीख तक यह कार्यक्रम चलेगा। इस परेड ग्राउंड में कोई कार्यक्रम नहीं चल रहा है। जो कार्यक्रम चल रहा है वह दूसरे ग्राउंड में है और उस ग्राउंड के लिए हमने कभी अनुमति मांगी ही नहीं। हमें तो सिर्फ इस ग्राउंड की जरूरत है।'
बीजेपी पर लगाए आरोप
उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में अधिकारियों ने हमारी अनुमति रद्द कर दी है। उन्होंने कहा, 'हमने इस ग्राउंड के लिए फीस भी जमा कर दी थी। आमतौर पर इस ग्राउंड के लिए 65 हजार रुपये फीस होती थी लेकिन हमसे 1 लाख 77 हजार जमा करवाया। हमने वह भी जमा कर दिए लेकिन आज इस कार्यक्रम की अनुमति रद्द कर दी है।'
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अब कहां होगा कार्यक्रम?
राहुल गांधी कुछ दिन पहले भी उत्तराखंड आए थे लेकिन खराब मौसम के कारण वह जनसभा में पहुंच नहीं पाए थे। उन्होंने फोन के जरिए ही जनसभा को संबोधित किया था। इसके बाद इस कार्यक्रम पर विवाद हो गया है, जिस कारण पार्टी ने इसका स्थान बदल दिया है। अब यह कार्यक्रम देहरादून के बन्नू स्कूल मैदान में होगा। कांग्रेस का कहना है कि वह परेड ग्राउंड में प्रशासन से लड़कर कार्यक्रम करवा सकते थे लेकिन क्योंकि इस कार्यक्रम में बच्चे शामिल हो रहे हैं और उनकी सुरक्षा को देखते हुए पार्टी ने स्थान बदलने का फैसला लिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, 'सरकार के इस निर्णय से कांग्रेस डरी नहीं है। सरकार की नीयत में खोट है। जवाबदेही और पारदर्शिता सरकार की जिम्मेदारी होती है, लेकिन सरकार बेनकाब हो चुकी है। ऐसे में आगामी 17 जुलाई को होने वाली राहुल गांधी की रैली ऐतिहासिक होगी।'
