पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव इलाके में गुरुवार दोपहर दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की 43 वर्षीय असिस्टेंट प्रोफेसर की हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। महिला अपने फ्लैट में मृत अवस्था में पाई गई, जहां उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और दोनों कलाई कटी हुई थीं। चेहरे और शरीर पर भी चोटों के निशान मिले हैं, जिससे पुलिस को आशंका है कि हत्या से पहले पीड़िता ने संघर्ष किया होगा।

 

पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में फ्लैट के दरवाजे पर जबरन प्रवेश के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इससे यह संदेह गहरा गया है कि आरोपी कोई ऐसा व्यक्ति हो सकता है जिसे महिला जानती थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कई टीमों को आरोपी की तलाश में लगाया गया है।

 

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सुबह से नहीं उठा रही थीं बहन का फोन

इस खौफनाक वारदात का खुलासा गुरुवार दोपहर तब हुआ, जब मयूर विहार में रहने वाली प्रोफेसर की 49 वर्षीय बड़ी बहन सुबह से उन्हें फोन मिला रही थीं। बार-बार घंटी जाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो वह अनहोनी की आशंका में सीधे अपनी बहन के फ्लैट पर पहुंच गईं। वहां मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लटका देख उनकी चिंता और बढ़ गई। उन्होंने तुरंत स्थानीय निवासियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के पदाधिकारियों को सूचित किया। सबकी मौजूदगी में जब फ्लैट का ताला तोड़ा गया तो अंदर फर्श पर प्रोफेसर की खून से सनी लाश पड़ी देख सबके होश उड़ गए।

 

पुलिस के अनुसार, मृतका फ्लैट में अकेली रहती थीं। उनका बेंगलुरु में रहने वाले पति से पिछले 4 सालों से अलगाव चल रहा था और अदालत में तलाक का मामला लंबित था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सूचना मिलते ही दोपहर करीब 2:35 बजे न्यू अशोक नगर थाने की पुलिस, क्राइम टीम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुंची। DCP (ईस्ट) राजीव कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी की धरपकड़ के लिए कई स्पेशल टीमें गठित की हैं।

 

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प्रमोशन इंटरव्यू वाले दिन फर्श पर मिली लाश

मृतका के सहकर्मियों ने बताया कि वह एक बेहद शांत और निजी जीवन जीने वाली बेहद समर्पित शिक्षिका थीं। वह कई सालों तक एड-हॉक और गेस्ट फैकल्टी के रूप में पढ़ा रही थीं। हाल ही में दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में स्थायी रूप से नियुक्त हुई थीं। 

 

विडंबना यह है कि गुरुवार को ही कॉलेज में उनका प्रमोशन इंटरव्यू होना था। जब वह दोपहर तक नहीं आईं और कॉलेज प्रशासन का भी उनसे संपर्क नहीं हो पाया तो सहकर्मी चिंतित थे। दोपहर बाद जैसे ही उनकी हत्या की खबर कॉलेज पहुंची वहां सन्नाटा पसर गया और प्रिंसिपल सहित पूरा स्टाफ स्तब्ध है।