उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बुधवार को एक बड़ा बयान दिया। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि कांग्रेस यूपी में गठबंधन के तहत 150 सीटों पर लड़ना चाहती है। जवाब में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'अखिलेश के बिना सब सूना है।' अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बृजभूषण शरण सिंह के इस बयान ने यूपी की सियासत में हलचल बढ़ा दी। लोग इसके तार उन कयासों से जोड़ने लगे, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बृजभूषण शरण सिंह सपा से राज्यसभा जा सकते हैं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक एलान नहीं हुआ है।


सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी बृजभूषण शरण सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया दी। जब उनसे पूछा गया कि 'बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अखिलेश बिना सब सून।' आप इस पर क्या कहना चाहेंगे? सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने जवाब में कहा कि हमारे उनसे बहुत अच्छे संबंध हैं। उत्तर प्रदेश के विकास और किसान को खुशहाली के रास्ते पर लाने के लिए हम सब एक हैं। 

 

यह भी पढ़ें: मेरठ के कुख्यात नीला ड्रम केस में मुस्कान और साहिल दोषी, अभी सजा का ऐलान नहीं

जीत ही सीट का आधार: अखिलेश

यूपी में कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे पर पेच फंसा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस पार्टी 150 विधानसभा सीटों पर अड़ी है। विधानसभा चुनाव में गठबंधन से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा, 'पहले जो गठबंधन था, वह जारी रहेगा।' वहीं सीट बंटवारे पर दो टूक कह दिया कि जीत ही सीट का आधार है।

 

 

 

कई विधायक संपर्क में है

लखनऊ में पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने दावा किया कि सत्ताधारी दल के कई विधायक सपा के संपर्क में है। उन्होंने कहा, 'कई लोग संपर्क में हैं, लेकिन हम उन्हें कैसे समायोजित करें? हम कोई वादा करके फिर उससे मुकरना नहीं चाहते।'

 

यह भी पढ़ें: दुबई से इजरायल जा रहे विमान की सऊदी में इमरजेंसी लैडिंग, हाईजैकिंग का अलर्ट जारी

सपा ने धनराज नाथवानी को क्यों दिया टिकट?

सपा ने धनराज परिमल नाथवानी को राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। जब इससे जुड़ा सवाल अखिलेश यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सपा को नई पीढ़ी और नई सोच का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति को राज्यसभा भेजने का मौका मिला। उद्योगपति और कारोबारी दिग्गज अर्थव्यवस्था के साथ विभिन्न सामाजिक पहल में भी योगदान देते हैं। सपा उत्तर प्रदेश में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देना चाहती है। अर्थव्यवस्था बढ़ाने, किसानों, गरीबों और युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने में योगदान देने वालों का समर्थन लेगी।