उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एसटीएफ और पुलिस ने अवैध असलहा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे चार असलहा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनमें 10 हजार रुपये का इनामी वीरू साहनी भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से कई अवैध असलहे बरामद किए गए हैं, जिनमें .32 बोर की दो ऑटोमेटिक पिस्टल भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, इससे पहले गिरफ्तार किए गए पांच तस्करों से पूछताछ के बाद इस नेटवर्क से जुड़े 21 अन्य लोगों के नाम सामने आए थे, जिनमें से चार को अब दबोच लिया गया है।

गोरखपुर एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कुछ लोग अवैध असलहों की तस्करी के लिए सक्रिय हैं। पुलिस के अनुसार, इन लोगों के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे थे। सूचना मिलने के बाद बुधवार शाम एसटीएफ की टीम ने प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू की। टीम ने घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से तस्करी के लिए लाए गए कई अवैध हथियार बरामद हुए। इनमें .32 बोर की दो ऑटोमेटिक पिस्टल भी शामिल है।

इन चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चौरी चौरा के डुमरी खास निवासी मुलायम निषाद और चंदन जायसवाल, रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के लहसड़ी निवासी वीरू साहनी और शैलेंद्र निषाद के रूप में हुई है। इनमें वीरू साहनी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 के दौरान उसका नाम अवैध असलहा तस्करी के मामले में सामने आया था। इसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

 

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पहले 5 गिरफ्तार, फिर सामने आए 21 नाम

पुलिस के मुताबिक, 21 सितंबर को एसटीएफ ने अवैध असलहा तस्करी से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें बबलू यादव, अजीत यादव, अभिषेक गौर, अभिषेक प्रजापति और राहुल गुप्ता शामिल थे।इनसे पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस को इस नेटवर्क से जुड़े 21 अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ने के बाद बुधवार शाम चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।इन चार गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों की संख्या नौ हो गई है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

बिहार से हरियाणा और MP तक कनेक्शन की जांच

एसपी सिटी निमेष पाटिल के मुताबिक, गिरफ्तार सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस इनके अन्य साथियों की तलाश कर रही है।


पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में बिहार, हरियाणा और मध्य प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। जांच में इन लोगों के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने की बात सामने आई है।

 

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हथियार कहां से आए, किसे होने थे सप्लाई?

एसटीएफ और पुलिस अब बरामद हथियारों की सप्लाई चेन खंगाल रही है। जांच की जा रही है कि असलहे कहां से लाए गए थे और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।


इसके साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। गोरखपुर में हुई इस कार्रवाई के बाद अवैध असलहा तस्करी से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मचा हुआ है। चार नई गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में अब तक नौ आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस की जांच अब नेटवर्क के बाकी सदस्यों और हथियारों की सप्लाई के स्रोत तक पहुंचने पर केंद्रित है।