बिहार के औरंगाबाद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां एक शख्स ने फेक ट्रेनी भारतीय पुलिस सेवा(IPS) बनकर असली पुलिस की आंखों में धूल झोंक दी। असली पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने थाने में कॉल किया और पुलिसकर्मियों को छापेमारी का आदेश दिया। पहले असली पुलिस को उसकी बातों पर भरोसा हो गया लेकिन यह भरोसा ज्यादा समय तक टिक नहीं पाया। जब असली पुलिस को फेक ट्रेनी आईपीएस पर शक हुआ, तब आरोपियों का पर्दाफाश हो गया। पुलिस की कार्रवाई जारी है। इस मामले का मुख्य आरोपी फिलहाल फरार है।
यह मामला नगर थाना पुलिस क्षेत्र का है। पुलिस की जांच-पड़ताल के मुताबिक, आरोपी ने 10 सितंबर को व्हाट्सऐप कॉल किया था। जिसके बाद रमेश चौक के पास गबन का शक जताकर छापेमारी की मांग की थी। जहां विजय कुमार नाम का आदमी फर्जी ट्रेनी IPS बनकर घूम रहा था। पुलिस के मुताबिक, इस षड्यंत्र में पिंटू के साथ कुंदन कुमार भी शामिल था।
यह भी पढ़ें: ज्योतिषी का नंबर ढूंढ रही थी महिला, साइबर फ्रॉड में गंवाए 5 लाख, आरोपी गिरफ्तार
फर्जी IPS ने पुलिस को दिया झांसा
पुलिस को 10 सितंबर को एक कॉल आया। रात को लगभग 11:44 बजे पुलिस स्टेशन में फोन किया गया। आरोपी ने कथित तौर पर औरंगाबाद के एक जगह हेरफेर का शक जाहिर किया। इसी शक के आधार पर छापेमारी करने की मांग की थी।
इसके साथ ही आरोपी ने अपनी डीपी पर वर्दी वाली फोटो लगाई हुई थी। फर्जी IPS की बात पर भरोसा कर जब पुलिस NH-139 पर पहुंची, तो वहां आने-जाने वाली गाड़ियों की तलाशी ली जाने लगी। इसी दौरान एक पिकअप की तलाशी ली गई, जिसमें खीरा लदा हुआ था, जिसे चोरी का माल बताकर फर्जी IPS ने कथित तौर पर जब्त किया। तब जाकर पुलिस को पता चला कि आरोपी फर्जी IPS बनकर जालसाजी कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी खीरा बेचकर मुनाफा कमाने के फिराक में थे।
यह भी पढ़ें: सीतामढ़ी में जिला पार्षद के पति की हत्या, गांव वालों ने पुलिस पर किया हमलाआरोपी फरार
जब पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल की, तब पुलिस को पता चला कि आरोपी फर्जी IPS बनकर लोगों के सामने धौंस जमा रहा था। पुलिस की जांच-पड़ताल के अनुसार, विजय कुमार खुद को ट्रेनी IPS बताकर लोगों के सामने धौंस जमाता था। पुलिस ने आरोपी पिंटू कुमार और कुंदम कुमार को गिरफ्तार किया। इनके अलावा इस मामले के दूसरे आरोपी विकास कुमार, संजय यादव और संजय मिश्रा हैं, जिनको लेकर पुलिस की जांच-पड़ताल जारी है।
