उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में खोड़ा थाना क्षेत्र में सिलाई कारीगर अंशुल की हत्या का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश उसकी पत्नी निशा ने अपने प्रेमी पप्पू उर्फ गंगा भगत के साथ मिलकर रची थी। दोनों के बीच पिछले करीब दो साल से प्रेम संबंध थे। जब पति अंशुल को इसकी भनक लगी तो घर में विवाद होने लगा। पुलिस का कहना है कि अंशुल इस रिश्ते का विरोध करता था और यही बात दोनों को खटक रही थी। इसके बाद पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। मौका मिलते ही पप्पू ने कमरे में अकेले मौजूद अंशुल को गोली मार दी। पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल 315 बोर का अवैध तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया है।
मामला खोड़ा थाना क्षेत्र की वंदना विहार कॉलोनी का है। यहां रहने वाला अंशुल सिलाई कारीगर था। पुलिस के मुताबिक, उसकी पत्नी निशा के अपने मौसेरे ननदोई पप्पू उर्फ गंगा भगत के साथ करीब 2 साल से प्रेम संबंध थे। दोनों के बीच चल रहे रिश्ते की जानकारी जब अंशुल को हुई तो घर में विवाद शुरू हो गया। अंशुल इस रिश्ते का विरोध करता था। उसने दोनों को समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि निशा और पप्पू अंशुल को अपने रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा मानने लगे थे। इसके बाद दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच दी।
एक सप्ताह पहले ही बना लिया था प्लान
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने अंशुल की हत्या की योजना करीब एक सप्ताह पहले बनाई थी। उन्होंने तय किया कि जिस दिन अंशुल सिलाई कंपनी से छुट्टी लेकर कमरे पर अकेला रहेगा, उसी दिन उसे गोली मार दी जाएगी। पुलिस के अनुसार, साजिश को अंजाम देने के लिए पप्पू कुछ समय पहले अपने पैतृक गांव से 315 बोर का अवैध तमंचा और कारतूस लेकर आया था। उसने हथियार छिपाकर रख लिया और वारदात के लिए उपयुक्त मौके का इंतजार करने लगा।
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पत्नी कंपनी गई, प्रेमी ने कमरे में घुसकर मार दी गोली
घटना वाले दिन अंशुल ने अपनी सिलाई कंपनी से दो दिन की छुट्टी ली थी। वह वंदना विहार स्थित अपने कमरे में अकेला था, जबकि निशा रोज की तरह कंपनी चली गई थी। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान पप्पू कमरे पर पहुंचा और अंशुल को अकेला पाकर गोली मार दी। गोली लगने से अंशुल की मौत हो गई। हत्या के बाद पप्पू लगातार फोन के जरिए निशा के संपर्क में रहा और उसे घटना की जानकारी देता रहा। पुलिस की जांच में सामने आया कि दोनों ने पहले से तय योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद उन्होंने पुलिस और स्थानीय लोगों को गुमराह करने की कोशिश की।
टेक्निकल सर्विलांस से खुला राज
अंशुल की हत्या के बाद उसकी बहन की तहरीर पर खोड़ा थाना पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती दौर में यह ब्लाइंड मर्डर का मामला था। पुलिस के सामने हत्यारे तक पहुंचने और हत्या के पीछे की वजह पता लगाने की चुनौती थी। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद ली और निशा से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों के संबंधों और हत्या की साजिश से जुड़े सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने निशा और पप्पू उर्फ गंगा भगत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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हत्या में इस्तेमाल तमंचा बरामद
पुलिस ने पप्पू की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल 315 बोर का अवैध तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि पुलिस ने घटना के करीब 12 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस की जांच के मुताबिक, पति को पत्नी के प्रेम संबंधों की जानकारी होने और उसके विरोध के बाद हत्या की साजिश रची गई थी। इस वारदात में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि हत्या के पीछे मृतक के घर से जुड़ा रिश्ता ही सामने आया है। पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
