हरियाणा में 21 अक्टूबर की रात से चल रही बिजली कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार शाम को समाप्त हो गई है। जिसके बाद आमजन ने राहत की सांस ली है। लगातार कई घंटों से बिजली गुल होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी। बिजली संबंधी सभी कार्य प्रभावित हो रहे थे। वहीं इसकी वजह से पानी की भी किल्लत होने लगी थी। खाद्य पदार्थ खराब होने लगे थे।
शुक्रवार को पहले बिजली मंत्री अनिल विज के साथ बिजली निगम कर्मचारियों के मोर्चे की पहले दौर की वार्ता हुई। इसके बाद दूसरे दौर में सीएम नायब सैनी के साथ बैठक हुई। दूसरे दौर की बैठक में निजी कंपनी का लाइसेंस रद्द कराने का आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया।
बता दें कि हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) के गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण का काम निजी कंपनी को सौंपने का फैसला आने के बाद हरियाणा में बिजली निगम कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। 21 अक्टूबर की रात 10 बजे के बाद लगभग पूरे हरियाणा में ब्लैकआउट हो गया था। जिसके बाद कई घंटे तक बिजली सप्लाई चालू न होने पर परेशान होकर लोगों ने कई जिलों में रोड जाम कर दिया था।
कई जगहों पर बिजली निगम कार्यालयों में भी लोगों ने पहुंचकर प्रदर्शन किया था। लगातार लोगों का विरोध होता देख सरकार ने बिजली निगम के मोर्चे को बातचीत का न्योता दिया। इसके बाद शुक्रवार दोपहर तीन बजे पंचकूला पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बिजली मंत्री अनिल विज ने मोर्चे के साथ बैठक की। इसके बाद दूसरे दौर की वार्ता सीएम नायब सैनी के साथ हुई। बैठक में मोर्चे ने निजी कंपनी का लाइसेंस रद्द कराने का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया।
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3 नवंबर को दोबारा बैठक
ऑल हरियाणा पावर वर्कर यूनियन के नेता देवेंद्र हुड्डा ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि मांगों पर बात होने के बाद हड़ताल खत्म की जा रही है। अब 3 नवंबर को दोबारा बैठक की जाएगी। इसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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हम कर्मचारियों के साथ हैं: सीएम
बैठक के बाद सीएम नायब सैनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सीएम ने बताया कि कर्मचारियों के साथ बातचीत हुई है। बिजली निगम कर्मचारी हड़ताल खत्म कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) का आदेश आया था, तब मंत्री अनिल विज ने कहा था कि हम इस फैसले के खिलाफ हैं और कर्मचारियों के साथ हैं।
आज कर्मचारी नेताओं के साथ बैठक में उन्हें यही कहा है कि हम आपके साथ हैं। सीएम ने बताया कि HERC एक एक्ट के तहत काम करता है। बिजली वितरण के लिए कोई भी आवेदन कर सकता है। हमने बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत इस फैसले की समीक्षा करने को कहा है।
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कई संगठनों ने किया समर्थन
हड़ताल के चलते अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, सोनीपत, हिसार, फरीदाबाद, और गुरुग्राम में लोगों ने रोड जाम किए। कुरुक्षेत्र और कैथल बार एसोसिएशन ने वर्क सस्पेंड रखा। पानीपत थर्मल पावर प्लांट की दो यूनिट बंद हो गई थी। लगातार विरोध प्रदर्शन के बीच कई संगठनों ने हड़ताल का समर्थन भी किया। रोडवेज यूनियनों ने और किसान यूनियनों ने बिजली निगम कर्मियों की हड़ताल को उचित बताया था।
