हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और आपदा राहत से जुड़े कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जल शक्ति विभाग में 4090 पैरा वर्करों की भर्ती को मंजूरी दी गई। इसके अलावा 100 और सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने के लिए नई योजना तैयार करने तथा इसके तहत 3900 शैक्षणिक और 900 गैर-शैक्षणिक पद भरने का निर्णय लिया गया।

 

बैठक में स्वास्थ्य विभाग में 500 सहायक स्टाफ नर्सों, वन विभाग में 500 सहायक वन रक्षकों, लोक निर्माण विभाग में विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों और शिक्षा विभाग में कॉलेज कैडर के 320 सहायक प्रोफेसरों के पद भरने को भी मंजूरी दी गई। प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय 1000 रुपये प्रतिमाह बढ़ाने तथा वन मित्रों के मानदेय में 2000 रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया।

 

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दुग्ध उत्पादन में प्रति लीटर 6 रुपये की मिलेगी सहायता

किसानों और पशुपालकों को राहत देते हुए दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत सहायता राशि तीन रुपये से बढ़ाकर छह रुपये प्रति लीटर कर दी गई। कांगड़ा जिले की बोह घाटी के आपदा प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज, मछुआरों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और ट्राउट मछली पालकों के लिए जोखिम निधि योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, नए पुलिस और जल शक्ति संस्थानों, पर्यटन सुविधाओं, बस टर्मिनलों, न्यायिक व्यवस्था तथा खेल पुरस्कारों से जुड़े कई अन्य फैसले भी लिए।

जल शक्ति विभाग में 4090 पैरा वर्करों की भर्ती

मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग में पैरा वर्करों के 4090 पद भरने को मंजूरी प्रदान की है। इनमें पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस फैसले से जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पदों की श्रेणीवार संख्या, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और भर्ती की समयसीमा की विस्तृत जानकारी संबंधित विभाग की ओर से जारी की जाएगी।

अन्य विभागों में भी भरे जाएंगे पद

सरकार ने विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने और नई संस्थागत आवश्यकताओं के अनुसार पद सृजित करने के फैसले लिए हैं। प्रमुख स्वीकृतियां इस प्रकार हैं-

 

स्वास्थ्य विभाग: 500 सहायक स्टाफ नर्सों के पद।
शिक्षा विभाग: कॉलेज कैडर में बैकलॉग कोटे के तहत 320 सहायक प्रोफेसरों के पद।
लोक निर्माण विभाग: 172 मल्टी टास्क वर्करों के पद।
चिकित्सा शिक्षा विभाग: 30 रेडियोलॉजिस्ट, 13 क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और छह परफ्यूजनिस्ट के पद।
टांडा मेडिकल कॉलेज: स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट श्रेणी के 24 चिकित्सा अधिकारी।
पशुपालन विभाग: विभिन्न श्रेणियों के 116 पद।
बागवानी विभाग: 40 बागवानी विस्तार अधिकारी और पांच वरिष्ठ सहायक।
आदर्श स्वास्थ्य संस्थान: 10 रेडियोग्राफर।
कोषागार, लेखा एवं लॉटरी विभाग: 18 सहायक कोषागार अधिकारी।
बागवानी विभाग: 10 बागवानी विकास अधिकारी।
लोक निर्माण विभाग: 10 कनिष्ठ अभियंता (सिविल)।
वन विभाग: 10 रेंज वन अधिकारी।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग: 10 कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी)।
सहकारिता विभाग: दो कनिष्ठ रजिस्ट्रार और 30 सहायक निरीक्षक।
निर्वाचन विभाग: 13 निर्वाचन कानूनगो।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग: दो उप-संपादक।
भर्ती निदेशालय: प्रथम चरण में विभिन्न श्रेणियों के 14 पद।

 

 

इसके अतिरिक्त दिव्यांग व्यक्तियों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण कोटे के तहत विभिन्न श्रेणियों के 27 पद और 11 मल्टी टास्क वर्करों के पद भरने की स्वीकृति दी गई। कांगड़ा जिले के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय देहरा में एक मोटर वाहन निरीक्षक और एक कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) का पद भरने का भी निर्णय लिया गया। शिमला जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुपवी में एक कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) और एक मल्टी टास्क वर्कर का पद स्वीकृत किया गया। शिक्षा विभाग में अनुकंपा के आधार पर 29 कनिष्ठ कार्यालय सहायकों (आईटी) की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई।

 

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वन्य प्राणी उद्यान और अन्य संस्थानों में भी नियुक्तियां

कांगड़ा के बनखंडी में निर्माणाधीन दुर्गेश अरण्य वन्य प्राणी उद्यान के लिए विभिन्न श्रेणियों के 26 पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई। एमसीएच कुल्लू के लिए 10 पद सृजित करने तथा फोरेंसिक सेवा निदेशालय में पांच और कोषागार, लेखा एवं लॉटरी निदेशालय में सात पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया।

 

शिमला, मंडी और धर्मशाला के पारिवारिक न्यायालयों में निजी सचिव का एक-एक पद सृजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वन विभाग में सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों का मासिक मानदेय 500 रुपये बढ़ाने का फैसला लिया गया है। यह वृद्धि एक अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी।

100 और स्कूल होंगे सीबीएसई से संबद्ध, 4800 पद भरने की तैयारी

प्रदेश सरकार ने 100 और स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध करने के लिए नई योजना तैयार करने का निर्णय लिया है। इन स्कूलों में योजना के तहत 3900 शैक्षणिक और 900 गैर-शैक्षणिक पद भरने की स्वीकृति दी गई है। इस फैसले से सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने और सीबीएसई से संबद्धता के लिए आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने की योजना है।

 

मंत्रिमंडल ने शेष रह गए एसएमसी शिक्षकों, जिनमें पीजीटी और टीजीटी शिक्षक शामिल हैं, के लिए सीमित सीधी भर्ती यानी एलडीआर परीक्षा आयोजित करने को मंजूरी दी। सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों के पदों को भी एलडीआर के माध्यम से भरने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के क्रियान्वयन के लिए संबंधित नियमों, पात्रता और परीक्षा प्रक्रिया की जानकारी अलग से जारी की जाएगी।

तकनीकी शिक्षा विभाग का बदलेगा नाम

मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग का नाम बदलकर तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं उद्यमिता विकास विभाग करने को स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही विभाग में असिस्टेंट लेक्चरर के 40 और असिस्टेंट क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर के 120 पद भरने को मंजूरी दी गई। असिस्टेंट क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर, असिस्टेंट लेक्चरर (पॉलिटेक्निक) और कनिष्ठ प्रोफेसर (इंजीनियरिंग एवं फार्मेसी) की नियुक्ति के लिए नीति को भी स्वीकृति प्रदान की गई। सरकार ने वन विभाग में सहायक वन रक्षकों की तैनाती के लिए नीति को मंजूरी दी है। इससे 500 सहायक वन रक्षकों के पद भरने का रास्ता साफ होगा।

मानदेय भी बढ़ा

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता: 10,500 रुपये से बढ़ाकर 11,500 रुपये प्रतिमाह।
    आंगनबाड़ी सहायिका: 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये प्रतिमाह।

 

इसके अतिरिक्त विधवाओं, निराश्रित और एकल महिलाओं के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की नियुक्ति के लिए निर्धारित वार्षिक आय सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दी गई है। इस बदलाव से निर्धारित श्रेणियों की अधिक महिलाओं को नियुक्ति प्रक्रिया में पात्रता प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।

 

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वन मित्रों को अब 12 हजार रुपये प्रतिमाह

सरकार ने वन मित्रों का मासिक मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये करने का फैसला लिया है। इससे वन विभाग से जुड़ी इन नियुक्तियों में कार्यरत लोगों को प्रतिमाह 2000 रुपये अधिक मिलेंगे। शत-प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों की मासिक पेंशन एक अप्रैल, 2026 से बढ़ाकर 3000 रुपये करने को मंजूरी दी गई है।

 

यह फैसला सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आने वाले पात्र लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है। पेंशन भुगतान और अन्य औपचारिकताओं से संबंधित विस्तृत जानकारी संबंधित विभाग के नियमों के अनुसार लागू होगी।

दूध उत्पादकों को अब छह रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन

मंत्रिमंडल ने दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत सहायता राशि तीन रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर छह रुपये प्रति लीटर करने का निर्णय लिया है। इससे पात्र दुग्ध उत्पादकों को पहले के मुकाबले दोगुनी प्रोत्साहन राशि मिल सकेगी। सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि सरकारी विभागों को दूध और दुग्ध उत्पादों की अपनी आवश्यकताओं की खरीद मिल्कफेड से करने के निर्देश दिए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य मिल्कफेड के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों के लिए बाजार उपलब्ध कराना और दूध की खरीद को अधिक व्यवस्थित बनाना है।

 

सोलन जिले में सतत विकास और जलवायु अनुकूल वर्षा आधारित कृषि के लिए संचालित एकीकृत विकास परियोजना के तहत 603 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की गई है। यह राशि वर्तमान में परियोजना के अंतर्गत कार्यरत ग्राम पंचायतों और आसपास की अतिरिक्त ग्राम पंचायतों में परियोजना गतिविधियों को जारी रखने तथा उनका विस्तार करने के लिए उपयोग की जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को बढ़ावा देना और जलवायु संबंधी चुनौतियों के अनुरूप कृषि व्यवस्था को मजबूत करना है।

मछुआरों को मिलेगा 100 रुपये प्रति किलो न्यूनतम समर्थन मूल्य

जलाशयों में मछली पकड़कर आजीविका चलाने वाले मछुआरों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है। योजना के तहत जलाशयों की मछलियों के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाएगा।

 

यदि नीलामी के दौरान मछली की कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम से कम रहती है, तो राज्य सरकार की ओर से 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस व्यवस्था से मछुआरों को बाजार में कीमतों में गिरावट की स्थिति में आर्थिक सहायता मिलने का प्रावधान किया गया है।

 

मंत्रिमंडल ने प्राकृतिक आपदाओं के कारण ट्राउट मछली पालकों को होने वाले नुकसान से सुरक्षा देने के लिए ट्राउट जोखिम निधि योजना लागू करने को मंजूरी दी है। इसके लिए एक करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बाढ़, भारी बारिश और अन्य आपदाओं से मछली पालन इकाइयों को नुकसान पहुंचने की स्थिति में यह योजना राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाई गई है। योजना के विस्तृत पात्रता मानक और सहायता प्रक्रिया संबंधित दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होंगे।

 

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बोह घाटी के आपदा प्रभावित परिवारों को 7.50 लाख रुपये की मदद

कांगड़ा जिले की बोह घाटी में आपदा प्रभावित परिवारों के लिए मंत्रिमंडल ने विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी है। पैकेज के तहत मकान, घरेलू सामान, पशुधन, कृषि भूमि और फसल को हुए नुकसान के लिए अलग-अलग सहायता देने का निर्णय लिया गया है।

 

  • पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान: 7.50 लाख रुपये।
  • घरेलू सामान का नुकसान: एक लाख रुपये।
  • किराये के लिए सहायता: 5000 रुपये।
  • मुफ्त राशन: छह महीने तक।
  • भैंस की क्षति: 55,000 रुपये।
  • बकरी या भेड़ की क्षति: 15,000 रुपये।
  • मत्स्य पालन में नुकसान: एक लाख रुपये।
  • फसल का नुकसान: 2000 रुपये प्रति कनाल।
  • कृषि भूमि को नुकसान: 5000 रुपये।

 

इस पैकेज का उद्देश्य आपदा से प्रभावित परिवारों को आवास, दैनिक जरूरतों और आजीविका की बहाली में सहायता प्रदान करना है। राहत के वास्तविक वितरण में पात्रता, नुकसान के आकलन और निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

होमगार्ड स्वयंसेवकों के परिवारों को बढ़ी सहायता

मंत्रिमंडल ने राष्ट्रपति मेधावी सहायता योजना के तहत होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके परिवारों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने को मंजूरी दी है। अचानक उत्पन्न गंभीर संकट, बीमारी या चोट की स्थिति में सहायता राशि 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है। मृत्यु की स्थिति में एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया। यह फैसला होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से लिया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, चमियाना में दो सुपर स्पेशियलिटी विभाग

मंत्रिमंडल ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई फैसले लिए हैं। अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशलिटी चमियाना में क्रिटिकल केयर मेडिसिन और सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के दो सुपर स्पेशियलिटी विभाग स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इन विभागों की स्थापना के साथ ब्लड ट्रांसफ्यूजन, एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजी जैसे सहायक विभागों को भी सुदृढ़ किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है।

 

पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चंबा में राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इस महाविद्यालय में बीएससी नर्सिंग की 60 सीटें होंगी। इससे नर्सिंग शिक्षा के लिए संस्थागत सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया गया है। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरिणी (रिड़कमर) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया है। इसके लिए आवश्यक पद सृजित कर भरे जाएंगे। कांगड़ा जिले के संसाल में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने तथा ऊना जिले के पंजोआ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने को भी मंजूरी दी गई है। इन संस्थानों के संचालन के लिए जरूरी पदों के सृजन और भर्ती का भी प्रावधान किया गया है।

 

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एमसीएच कुल्लू के लिए 10 पद

मंत्रिमंडल ने एमसीएच कुल्लू के लिए 10 पद सृजित कर भरने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके अतिरिक्त शिमला जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुपवी में एक कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) और एक मल्टी टास्क वर्कर का पद स्वीकृत किया गया। सरकार ने एंबुलेंस संपर्क सड़कों के निर्माण और विकास के लिए दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी है। इन सड़कों के डिजाइन, निर्माण और प्रमाणीकरण के लिए निर्धारित मानक लागू किए जाएंगे। साथ ही, एंबुलेंस संपर्क सड़कों को अलग श्रेणी के रूप में औपचारिक मान्यता दी जाएगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक क्षेत्रों तक सड़क संपर्क सुविधा सुनिश्चित करना और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाना है।

एनडीपीएस मामलों के लिए कांगड़ा और मंडी में विशेष न्यायालय

मंत्रिमंडल ने मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए कांगड़ा और मंडी में विशेष न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। विशेष न्यायालयों की स्थापना का उद्देश्य एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए समर्पित न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध कराना है। मंत्रिमंडल ने गवाह संरक्षण योजना को भी मंजूरी प्रदान की है। इसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया के दौरान गवाहों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को मजबूत करना है।

 

शिमला जिले में पुलिस थाना ढली के अंतर्गत कोटी में नई पुलिस चौकी खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए विभिन्न श्रेणियों के आठ पद सृजित कर भरे जाएंगे।मंत्रिमंडल ने डिजिटल स्टाम्पिंग सेवाओं को वैधानिक मान्यता देने और उनके उपयोग को सक्षम बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश ई-स्टाम्पिंग नियम, 2026 में संशोधन को मंजूरी दी है। इस फैसले से डिजिटल स्टाम्पिंग व्यवस्था के उपयोग के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधानों को मजबूत करने का रास्ता खुलेगा।

 

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33 लघु जल विद्युत परियोजनाओं का आवंटन रद्द होगा

मंत्रिमंडल ने पांच मेगावाट से कम क्षमता वाली 33 लघु जल विद्युत परियोजनाओं का आवंटन रद्द करने को मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार, संबंधित डेवलपर्स इन परियोजनाओं के निर्माण कार्य में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे थे। इसी के मद्देनजर आवंटन रद्द करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त 126 मेगावाट की छतडू तथा 205 मेगावाट की रोपा-I और रोपा-III विद्युत परियोजनाओं के आवंटन के लिए दोबारा निविदाएं आमंत्रित करने का फैसला लिया गया। इससे इन परियोजनाओं के लिए नए सिरे से आवंटन प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ होगा।

 

मंत्रिमंडल ने ऊना जिले स्थित पीरनिगाह मंदिर को टेकओवर करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी पहलुओं को लागू करने के लिए आगे की प्रक्रिया संबंधित विभागों के माध्यम से पूरी की जाएगी।  मंत्रिमंडल ने एचपी शिवा परियोजना की अवधि दो साल बढ़ाकर जून 2030 तक करने का निर्णय लिया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, परियोजना की अवधि जून 2028 से बढ़ाकर जून 2030 की गई है।

नौ इको-टूरिज्म स्थलों के आवंटन को मंजूरी

प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने नौ इको-टूरिज्म स्थलों के आवंटन को मंजूरी दी है। इको-टूरिज्म स्थलों के माध्यम से प्रकृति आधारित पर्यटन गतिविधियों को संचालित करने की योजना है। इससे संबंधित स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं और गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से विकसित करने का अवसर मिलेगा।

 

मंत्रिमंडल ने छोटा शिमला चौक का पुनर्विकास करने और आम लोगों की सुविधा के लिए अंडरपास बनाने को मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य चौक पर आवाजाही को सुविधाजनक बनाना और पैदल चलने वाले लोगों के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित करना है। मंत्रिमंडल ने हमीरपुर के पुराने बस अड्डे पर सिटी सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी है। इसके अलावा सोलन जिले के बद्दी स्थित शीतलपुर में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना से क्षेत्र में बस परिवहन के लिए आधारभूत ढांचे को विकसित करने की योजना है।

 

हमीरपुर जिले के श्री बाबा बालक नाथ मंदिर, दियोटसिद्ध में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आठ मंजिला बहुमंजिला पार्किंग और टॉयलेट कॉम्प्लेक्स बनाने का निर्णय लिया गया है। धार्मिक स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को पार्किंग और शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।

मंत्रिमंडल ने सुजानपुर के राज्यस्तरीय होली मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से मेले को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में पहल की गई है।

 

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बॉक्स 10: बोह घाटी के साथ कृषि, बागवानी और मत्स्य पालन को भी राहत

 

कृषि और ग्रामीण आजीविका से जुड़े फैसलों में दुग्ध प्रोत्साहन राशि बढ़ाने, जलवायु अनुकूल कृषि परियोजना के लिए 603 करोड़ रुपये मंजूर करने और मछुआरों के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना शुरू करने का निर्णय शामिल है। इसके अतिरिक्त आपदा प्रभावित ट्राउट मछली पालकों को राहत देने के लिए एक करोड़ रुपये की जोखिम निधि का प्रावधान किया गया है। इन फैसलों के माध्यम से कृषि, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन से जुड़े विभिन्न वर्गों के लिए सहायता और बाजार व्यवस्था को मजबूत करने की पहल की गई है।

 

बागवानी विभाग में 40 बागवानी विस्तार अधिकारियों और पांच वरिष्ठ सहायकों के पदों को भरने की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा 10 बागवानी विकास अधिकारियों के पद भी भरे जाएंगे। इस प्रकार विभाग में विभिन्न श्रेणियों के कुल 55 पदों को भरने का निर्णय लिया गया है। पशुपालन विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 116 पद भरने को मंजूरी दी गई है। यह विभागीय मानव संसाधन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

केंद्रीय विद्यालयों के लिए ऊना और शिमला में जमीन हस्तांतरित होगी

मंत्रिमंडल ने ऊना जिले की घनाड़ी तहसील के गोकुल नगर और शिमला जिले की कोटखाई तहसील के फुफ्टू में केंद्रीय विद्यालयों के निर्माण के लिए भूमि के दो हिस्से भारत सरकार के शिक्षा विभाग के पक्ष में हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से संबंधित स्थानों पर केंद्रीय विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकारी विद्यालयों में पीएम-पोषण योजना के तहत तैनात कुक-कम-हेल्पर को एक कैलेंडर वर्ष में 12 दिन का आकस्मिक अवकाश देने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से योजना के तहत कार्यरत कर्मचारियों को निर्धारित अवकाश सुविधा मिल सकेगी। मंत्रिमंडल ने पोषण नीति-2026 को स्वीकृति प्रदान की है। नीति के विस्तृत प्रावधान और क्रियान्वयन की रूपरेखा संबंधित विभाग की ओर से स्पष्ट की जाएगी।

कर्मचारियों के तबादलों के लिए बनेंगे व्यापक दिशा-निर्देश

प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने हेतु उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया है। समिति में कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को सदस्य बनाया गया है। समिति का मुख्य कार्य प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के गृह जिलों में तथा एक ही जिले के भीतर होने वाले स्थानांतरण को विनियमित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करना होगा। इससे स्थानांतरण संबंधी प्रक्रिया के लिए एक व्यवस्थित नीति तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने भर्ती निदेशालय के लिए पहले चरण में विभिन्न श्रेणियों के 14 पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी है। विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पदों के सृजन और नियुक्ति से जुड़े फैसले भी बैठक के प्रमुख बिंदुओं में शामिल रहे।

अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों के पुरस्कार नियमों में बदलाव

मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली भारतीय टीमों के खिलाड़ियों को दिए जाने वाले नकद पुरस्कारों के प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दी है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार, पदक विजेता भारतीय टीम में शामिल हिमाचल प्रदेश के सभी पात्र खिलाड़ियों के बीच नकद पुरस्कार समान रूप से वितरित किया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में प्रत्येक खिलाड़ी को व्यक्तिगत पदक विजेता के लिए निर्धारित राशि के बराबर पुरस्कार दिया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त पुरस्कार का वितरण आनुपातिक आधार पर भी किया जा सकेगा। इस व्यवस्था में प्रत्येक खिलाड़ी के लिए व्यक्तिगत पदक विजेता हेतु निर्धारित नकद पुरस्कार की कम से कम 25 प्रतिशत राशि सुनिश्चित होगी।

पदक विजेताओं के लिए खेल अधिकारी के पद

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी के पद सृजित करने को भी मंजूरी दी गई है। इस फैसले से संबंधित पात्र खिलाड़ियों के लिए इन पदों पर नियुक्ति का प्रावधान आगे बढ़ेगा। पात्रता और नियुक्ति प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी संबंधित नियमों के अनुसार स्पष्ट होगी।

 

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राजकीय दंत महाविद्यालय शिमला का नाम बदलेगा

मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश राजकीय दंत महाविद्यालय एवं अस्पताल, शिमला का नाम बदलकर राजीव गांधी राजकीय दंत महाविद्यालय एवं अस्पताल, शिमला करने को मंजूरी प्रदान की है। इस फैसले के बाद संस्थान का नया नाम लागू करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।

 

एमसीएच कुल्लू और टांडा में चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मंत्रिमंडल ने एमसीएच कुल्लू के लिए 10 पद सृजित करने तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट श्रेणी के 24 चिकित्सा अधिकारियों के पद भरने को मंजूरी दी है। इन फैसलों का उद्देश्य संबंधित संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाना है।

बोह घाटी राहत पैकेज के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के विशेष पुलिस अधिकारियों को भी लाभ

मंत्रिमंडल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। यह वृद्धि एक अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी। इसके अतिरिक्त होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके परिवारों के लिए राष्ट्रपति मेधावी सहायता योजना के तहत गंभीर संकट, बीमारी या चोट की स्थिति में सहायता राशि 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये की गई है। मृत्यु की स्थिति में एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की नियुक्ति के लिए विधवाओं, निराश्रित और एकल महिलाओं की वार्षिक आय सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये की गई है। यह बदलाव संबंधित श्रेणियों की महिलाओं के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में पात्रता के दायरे को विस्तृत करेगा। 

 

मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश ई-स्टाम्पिंग नियम, 2026 में संशोधन करने को स्वीकृति दी है। इसका उद्देश्य डिजिटल स्टाम्पिंग सेवाओं को वैधानिक मान्यता प्रदान करना और उनके उपयोग को सक्षम बनाना है। इसके साथ ही गवाह संरक्षण योजना को मंजूरी दी गई है। एनडीपीएस मामलों की सुनवाई के लिए कांगड़ा और मंडी में विशेष न्यायालय स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है। इन फैसलों के तहत न्यायिक प्रक्रिया, डिजिटल सेवाओं और गवाहों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को आगे बढ़ाया जाएगा।

पीरनिगाह मंदिर का अधिग्रहण, सुजानपुर होली मेले को अंतरराष्ट्रीय पहचान

मंत्रिमंडल ने ऊना जिले स्थित पीरनिगाह मंदिर को टेकओवर करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सुजानपुर के राज्यस्तरीय होली मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने की मंजूरी दी गई है। हमीरपुर के पुराने बस अड्डे पर सिटी सेंटर और दियोटसिद्ध में आठ मंजिला पार्किंग सुविधा विकसित करने के फैसले भी बैठक में लिए गए।सोलन जिले के बद्दी स्थित शीतलपुर में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से क्षेत्र में बस परिवहन के बुनियादी ढांचे को विकसित करने की योजना है। मंत्रिमंडल ने छोटा शिमला चौक का पुनर्विकास करने और लोगों की सुविधा के लिए अंडरपास बनाने को मंजूरी दी है।

नौ इको-टूरिज्म स्थल, एचपी शिवा परियोजना को दो साल का विस्तार

मंत्रिमंडल ने इको-टूरिज्म गतिविधियों के संचालन के लिए नौ स्थलों के आवंटन को मंजूरी दी है। इसके अलावा एचपी शिवा परियोजना की अवधि जून 2028 से बढ़ाकर जून 2030 तक करने का निर्णय लिया गया है। जलवायु अनुकूल कृषि परियोजना के लिए 603 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि को भी मंजूरी दी गई है। मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों में पद भरने, शिक्षा व्यवस्था के विस्तार, स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने, कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि और किसानों को आर्थिक सहायता देने से जुड़े फैसले लिए गए।

 

इनमें जल शक्ति विभाग में 4090 पैरा वर्करों की भर्ती, 100 और स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने की योजना, 3900 शैक्षणिक और 900 गैर-शैक्षणिक पद भरना, 500 सहायक स्टाफ नर्सों और 500 सहायक वन रक्षकों के पद भरने का निर्णय प्रमुख है। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय 1000 रुपये प्रतिमाह बढ़ाने, वन मित्रों का मानदेय 2000 रुपये बढ़ाने तथा दूध उत्पादकों की प्रोत्साहन राशि दोगुनी करने को मंजूरी दी गई। आपदा प्रभावित बोह घाटी के परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज, जलवायु अनुकूल कृषि परियोजना के लिए 603 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि और मछुआरों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य का प्रावधान भी बैठक के प्रमुख फैसलों में शामिल रहा। सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में नई नियुक्तियों, संस्थानों के विस्तार और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।