अंबाला में 1857 की क्रांति को समर्पित एशिया के सबसे बड़े शहीदी स्मारक का आज गृहमंत्री अमित शाह ने उद्घाटन किया। करीब 1 बजकर 50 मिनट पर अमित शाह अंबाला कैंट स्थित डोमेस्टिक एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से सीधे शहीद स्मारक गए। शहीद स्मारक का उद्घाटन करने के बाद करीब साढ़े 3 बजे एयरपोर्ट वापस आए। उसके बाद वहां से गांधी ग्राउंड स्थित रैली स्थल करीब 4 बजे पहुंचे। रैली में संबोधन के बाद करीब 5.05 बजे अंबाला कैंट स्थित डोमेस्टिक एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से सीधे दिल्ली चले गए।

 

अंबाला कैंट में करीब 22 एकड़ में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से बने इस शहीद स्मारक के उद्घाटन के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, परिवहन मंत्री अनिल विज समेत तमाम नेता व उच्च अधिकारी मौजूद रहे। गृहमंत्री अमित शाह ने संग्रहालय से संबंधित परिचयात्मक वर्चुअल रियलिटी फिल्म का प्रस्तुतीकरण देखा और टेलीग्राम प्रदर्शनी के माध्यम से अंबाला में क्रांति का प्रारंभ, हरियाणा में क्रांति का प्रारंभ का अवलोकन किया। साथ ही कठपुतली शो के माध्यम से हरियाणा में क्रांति की प्रदर्शनी को देखा। सभी अतिथियों ने 1857 के क्रांतिवीरों के सम्मान में श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

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ओपन-एयर थिएटर में बैठ सकेंगे 2500 दर्शक

शहीद स्मारक में अत्याधुनिक ओपन-एयर थिएटर है, जिसमें लगभग 2,500 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था है। हर रोज शाम को यहां दो बड़े वॉटर स्क्रीन्स, संग्रहालय की दीवारों पर प्रोजेक्शन मैपिंग और स्मारक टावर पर प्रदर्शित एक नाटकीय लाइट एंड साउंड शो से युक्त एक शानदार प्रस्तुति होगी। यहां इतिहास के प्रति उत्साही लोगों के लिए एक पुस्तकालय, एक फूड कोर्ट, लगभग 600 कारों के लिए डबल-बेसमेंट पार्किंग और एक हेलीपैड भी बना है। इस स्मारक को बनने में 10 साल से ज्यादा का समय लगा है। इसे पूरा देखने के लिए करीब 5 घंटे का समय देना होगा।

 

निर्माण लागत, कंस्ट्रक्टेड एरिया और थीम बेस के आधार पर यह देश का सबसे बड़ा म्यूजियम है। इसमें दुबई के फ्यूचर म्यूजियम की तरह एलिवेटर गैलरी और इंग्लैंड की तर्ज पर 360 डिग्री प्रोजेक्शन गैलरी बनी है। यहां 130 शॉर्ट फिल्मों से इतिहास बताया जाएगा। स्मारक के खुलने का समय फिलहाल सुबह 9 बजे बताया जा रहा है, लेकिन अभी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यहां गाइड की व्यवस्था रहेगी। 40-40 विजिटर के बैच बनेंगे। यहां एलिवेटर गैलरी में करीब 40 फीट ऊंची छत और एंट्री के बाद भूल-भुलैया जैसा अनुभव होगा।

 

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पानी के फव्वारों से स्क्रीन बनाई जाएगी

1857 की क्रांति का तात्कालिक कारण बनी इनफील्ड राइफल देखने को मिलेगी। इसमें इस्तेमाल होने वाले चर्बी वाले कारतूसों को भारतीय सैनिकों ने इस्तेमाल करने से मना किया था। यहां कैंपस में प्रवेश करते ही 65 मीटर ऊंचा मेमोरियल टावर नजर आता है। हाई-स्पीड लिफ्ट से इसकी 13वीं मंजिल तक पहुंच सकेंगे। शाम को होने वाले वाटर शो में पानी के फव्वारों से स्क्रीन बनाई जाएगी। इस पर चलने वाली तस्वीरें और वीडियो 65 मीटर ऊंचे मेमोरियल टावर पर दिखाई देंगे। श्रद्धांजलि गैलरी में 'मूक वृक्ष' बनाया गया है। इसके जरिए अंग्रेजी शासन के दौरान क्रांतिकारियों को पेड़ों पर फांसी दिए जाने की घटनाओं को दशार्या गया है। इसमें विजिटर हाथ से छुएंगे तो लाइट निकलेंगी जिससे पेड़ की शाखाएं जलने लगेंगी।

 

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शाह ने की हरियाणा की तारीफ

अमित शाह ने रैली स्थल पर संबोधन में कहा कि अंबाला में बना शहीद स्मारक युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि अनिल विज के लंबे संघर्ष के बाद आज स्मारक बना है। अमित शाह ने कहा कि मनोहर लाल और सीएम नायब सैनी ने 12 साल में हरियाणा में काफी परिवर्तन किया है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला राज्य हरियाणा है।

 

पहली बार एलिवेटिड रेलवे ट्रैक यहीं बना। एमएसपी पर 24 फसलें खरीदने वाला देश का पहला राज्य हरियाणा है। उन्होंने कहा कि नायब बोलते कम हैं, लेकिन काम करने में बहुत तेज हैं। उन्होंने कहा कि आज सेना में देश के किसी भी प्रदेश के मुकाबले सबसे ज्यादा जवान हरियाणा से हैं। राष्ट्रीय खेलों में पदकों की तालिका में नंबर वन स्थान हरियाणा है।

 

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'राष्ट्रभक्ति का तीर्थ बनेगा शहीद स्मारक'

शहीद स्मारक में आज शाम को लाइट एवं साउंड शो में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अंबाला छावनी की ऐतिहासिक धरती पर आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक का उद्घाटन देश के इतिहास में एक गौरवशाली और अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्नों और जनमानस में अक्सर यह धारणा रही है कि इस महान क्रांति की शुरूआत 10 मई, 1857 को मेरठ से हुई थी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की पहली लड़ाई वास्तव में अंबाला छावनी में भड़की थी, मेरठ से पूरे नौ घंटे पहले। यहीं से उस संघर्ष की नींव पड़ी, जिसने अंतत: पूरे देश को एकजुट कर दिया। इस लड़ाई ने भारतीय मानस में राष्ट्रवाद और देशभक्ति की ऐसी भावना जगाई, जो आगे चलकर पूरे स्वतंत्रता आंदोलन की नींव बनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह स्मारक केवल ईंट-पत्थर की इमारत नहीं रहेगा। यह राष्ट्रभक्ति का तीर्थ बनेगा।

 

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'217 वादों में से 76 हुए पूरे'

मुख्यमंत्री ने कहा कि चार दिन पहले ही हरियाणा ने अपनी हीरक जयंती मनाई है। इन 60 वर्षों में हरियाणा ने लंबा सफर तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत विधानसभा चुनाव में हमने संकल्प-पत्र के माध्यम से जनता से 217 वादे किए थे। केवल 2 वर्षों में इनमें से 76 संकल्प पूरे हो चुके हैं और शेष 141 पर पूरी निष्ठा से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि हम वादे गिनाते नहीं, निभाकर दिखाते हैं। जहां नई राह बनती है, वहां पहला कदम हरियाणा का होता है। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों और अग्निवीरों को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने वाला पहला राज्य हरियाणा है।

 

स्वतंत्रता सेनानियों को देश में सर्वाधिक, 40 हजार रुपये मासिक पेंशन हरियाणा देता है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से लिंगानुपात बढकर 900 के पार पहुंच गया है। बेटियों को स्नातकोत्तर तक मुफ्त शिक्षा मिल रही है। 2 लाख 92 हजार बहनें लखपति दीदी बनी हैं। गैस सिलेंडर 500 रुपये में मिल रहा है और लाडो लक्ष्मी योजना में 10 लाख से अधिक बहनों को हर महीने 2100 रुपये मिल रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कर कमलों से हरियाणा के विजन 2047 का विमोचन हुआ था। आज उसे जमीन पर उतारने के लिए तेजी से काम चल रहा है। हमारा लक्ष्य है हरियाणा को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना और 50 लाख नए रोजगार पैदा करना।

 

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करनाल में पदयात्रा में राहुल गांधी पर साधा निशाना

अंबाला पहुंचने से पहले अमित शाह ने करनाल में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। अमित शाह ने कहा कि देश की जनता ने लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना है। 2024 के बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को लगातार हार का सामना करना पड़ा है। शाह ने कहा कि संसद में शोर-शराबे को कांग्रेस ने अपना कल्चर बना दिया है।

 

शाह ने कहा कि राहुल गांधी सड़कों पर भीड़ जुटाकर अराजकता फैला रहे हैं। लगातार चुनाव में हार के बाद राहुल गांधी अपनी नाकामी स्वीकारने की बजाय चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहे हैं। शाह ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर राहुल को सड़क पर चर्चा का शौक है तो हरियाणा का कोई चौराहा तय कर लें, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष ही बहस के लिए आ जाएगा। शाह ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों की संख्या 1200 से घटकर 600 रह गई है, जबकि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा का निरंतर विस्तार हुआ है।

 

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चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस

अमित शाह के दौरे को लेकर जीटी रोड पर हर तरफ पुलिस मुस्तैद रही। खासकर करनाल व अंबाला में पुलिस ने कई होटल-धर्मशालाएं, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड में सघन चेकिंग की। इस दौरान करीब 2200 पुलिस कर्मी तैनात रहे। इसके साथ ही खुफिया एजेंसियां व सादी वर्दी में भी पुलिस के जवान तैनात रहे। संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई।