चंडीगढ़ के बुरैल इलाके में सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक मकान के अंदर एक के बाद एक कई एलपीजी सिलेंडर फट गए। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के कई घरों के लोग डरकर बाहर निकल आए। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। 

 

इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की एक टीम भी मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि जिस मकान में धमाके हुए, वहां अवैध तरीके से गैस सिलेंडर रिफिलिंग का काम किया जा रहा था। हालांकि, अभी तक इस मामले में पुलिस को कोई सबूत नहीं मिले हैं। 

 

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कई सिलेंडर फटे

मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, पहले एक तेज धमाका हुआ और कुछ ही सेकंड बाद लगातार कई विस्फोट सुनाई दिए। धमाकों के बाद इलाके में धुआं फैल गया और मकान का बड़ा हिस्सा डैमेज हो गया। आसपास खड़ी कई गाड़ियों के शीशे टूट गए और पास के घरों की खिड़कियां भी हिल गईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें पहले लगा जैसे कोई बड़ा बम धमाका हुआ हो। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।  

मौके पर पहुंचा प्रशासन

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस,फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सिलेंडरों में लगातार विस्फोट होने की वजह से राहत और बचाव कार्य में काफी दिक्कत आई। कई घंटे तक इलाके को खाली कराया गया ताकि किसी और बड़े हादसे को रोका जा सके। 

 

 

डीएसपी गुरजीत कौर ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर मकान में इतने सिलेंडर क्यों रखे गए थे और क्या वहां अवैध गैस रिफिलिंग का नेटवर्क चल रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से वहां संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

 

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लोगों ने उठाए सवाल

बेरैल चंडीगढ़ के बाहरी हिस्से में स्थित है और मुख्य शहर की तरह यहां मकान व्यवस्थित तरीके से नहीं बनाए गए हैं। हादसे के बाद इस इलाके में सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में अवैध गैस कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। कई स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध कामों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

 

फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके से सबूत जुटा रही है। प्रशासन ने कहा है कि हादसे के असली कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा। वहीं घायलों की हालत पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे चंडीगढ़ को झकझोर दिया है और एक बार फिर घरेलू गैस सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।