मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरंगे पाटिल ने 29 अगस्त से आखिरी और निर्णायक आंदोलन शुरू करने की धमकी दी है। उन्होंने महाराष्ट्र की महायुति सरकार की आलोचना की और उस पर जाति प्रमाण पत्र जारी करने में दूरी का आरोप लगाया। जारंगे ने कहा कि अगर सरकार वैध रिकॉर्ड रखने वाले 58 लाख लोगों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के तहत कुनबी समुदाय प्रमाण पत्र जारी नहीं करती है तो 29 अगस्त से आखिरी और निर्णायक आंदोलन शुरू होगा।

 

मनोज जरंगे पाटिल ने बुधवार को जालना जिले में स्थित अपने गांव अंतरवाली सारती में पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'हम पिछले तीन वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। समुदाय को नजरअंदाज किया जा रहा है। 29 अगस्त को हम आखिरी और निर्णायक आंदोलन शुरू करेंगे। कोई भी घर पर न रहे।' उन्होंने आगे कहा, 'फडणवीस सरकार मराठों को निशाना बना रही है। इसलिए इस बार या तो मैं मर जाऊंगा या फडणवीस सरकार गिर जाएगी।'

 

यह भी पढ़ें: आधार अपडेट कराने बैंक गया किसान, गार्ड की बंदूक से चली गोली; पल भर में गई जान

हैदराबाद गजट लागू करने की मांग

मनोज जारंगे पाटिल ने हैदराबाद गजट लागू करने की भी मांग की। उन्होंने कहा, 'मराठा समुदाय के बच्चे पीड़ित हैं। हैदराबाद गजट के अनुसार 28 अगस्त तक कुनबी प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। मराठों को कुनबी प्रमाणपत्र दिए हुए लगभग चार महीने हो गए हैं। पिछले तीन वर्षों से मेरा खून उबल रहा है, इसीलिए मैं समुदाय के बच्चों के लिए अंतिम निर्णायक विरोध प्रदर्शन कर रहा हूं। एक भी व्यक्ति घर पर न बैठे।'

प्रमाण पत्र मिलने तक हम नहीं रुकेंगे: जरंगे

उन्होंने आगे कहा, '58 लाख रिकॉर्ड के प्रमाण पत्र मिलने तक हम नहीं रुकेंगे। अगर हैदराबाद गजट जारी किया गया था तो प्रमाण पत्र क्यों जारी नहीं किए गए? मराठों को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? हैदराबाद गजट के अनुसार कुनबी प्रमाण पत्र मिलने तक हम नहीं रुकेंगे।'

 

यह भी पढ़ें: भदोही का नाम फिर से होगा संत रविदास नगर, BJP नेता खुश, कारोबारियों की बढ़ी चिंता

अलग मंत्रालय की मांग भी अधूरी

मनोज जरंगे पाटिल ने कहा कि मराठा समुदाय के लिए अलग मंत्रालय मांगा गया था। अभी तक यह मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यह सीएम के लिए सिर्फ 15 मिनट का काम है, फिर भी यह पूरा नहीं किया गया। मनोज जरंगे पाटिल 15 साल पहले मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े थे। आज वे आंदोलन का सबसे प्रमुख चेहरा है। मई में मनोज ने अपनी 9वीं भूख हड़ताल शुरू की थी। हालांकि इसे महज 15 घंटे के भीतर ही खत्म करना पड़ा था।