राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कानपुर-लखनऊ (अवध) एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी PNC इंफ्राटेक पर बड़ी कार्रवाई की है। उद्घाटन के कुछ ही हफ्तों बाद सड़क धंसने के कारण NHAI पर सवाल खड़ा किया जा रहा था। NHAI ने कार्रवाई करते हुए कंपनी को अगले 3 सालों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही एक्सप्रेसवे पर सभी तरह के टोल को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। नुकसान के रूप में रोज कंपनी से 42 लाख रुपये भी वसूले जाएंगे।
जब तक एक्सप्रेसवे पूरी तरह ठीक होकर दोबारा शुरू नहीं हो जाता, तब तक कंपनी को यह जुर्माना देना पड़ेगा। यह पहला मामला है जहां किसी एक्सप्रेसवे पर टोल लेना पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस खबर के सामने आते ही शेयर बाजार में कंपनी के शेयर 20% तक गिर गए।
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सड़क खराब होने का कारण
आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञ की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि सड़क के नीचे बेहद कमजोर और चिपचिपी प्लास्टिक मिट्टी का इस्तेमाल किया गया था। इसकी वजह से एक्सप्रेसवे कुछ ही दिनों में धंसने लगा। अधिकारियों का कहना है कि केवल ऊपर से मरम्मत करने से काम नहीं चलेगा। जहां-जहां भी सड़क खराब है उसे फिर से नए तरीके से बनाना पड़ेगा।
कंपनी का पक्ष
कंपनी का कहना है कि इस बैन का असर उसके पुराने और चल रहे प्रोजेक्ट्स पर नहीं पड़ेगा। कंपनी का कहना है कि वह इस मामले में जरूरी कार्रवाई करेगी। PNC इंफ्राटेक ने बताया है कि वे इस फैसले के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी कर रहे हैं।
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यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह प्रोजेक्ट 'हाइब्रिड एनुटी मॉडल' (HAM) के तहत बना है, जिसमें सड़क के रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की ही होती है। जब तक एक्सप्रेसवे पूरी तरह ठीक होकर दोबारा शुरू नहीं हो जाता, तब तक कंपनी को यह जुर्माना देना पड़ेगा।
