बिहार के खगड़िया जिले में सोमवार देर रात चली पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार रुपये के इनामी और जिले के टॉप-10 अपराधियों में शामिल कुख्यात मोहम्मद बुद्दीन मियां को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पर फायरिंग करके भागने की कोशिश कर रहे बुद्दीन को जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगी, जिसके बाद वह जमीन पर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
घटना के बाद इलाके में दहशत और अफरातफरी का माहौल बना रहा। ग्रामीणों के बीच पूरी रात इस मुठभेड़ की चर्चा होती रही। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार चल रहा बुद्दीन चौढ़ली पंचायत के सुखाय बासा इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बताया जा रहा है कि रात करीब 1:45 बजे पुलिस टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और आत्मसमर्पण करने को कहा लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए बुद्दीन ने पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
यह भी पढ़ें: 'रहने नहीं दे रहे तो जा रहे', ऐक्शन शुरू होते ही भागने लगे बांग्लादेशी घुसपैठिए
भागने पर पैर में लगी गोली
गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान बुद्दीन के पैर में गोली लगी और वह भागते-भागते जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद जवानों ने उसे तुरंत कब्जे में ले लिया। घायल अपराधी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पुलिस निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। सुरक्षा कारणों से अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
यह भी पढ़ें: RJD में सेंध, रितु जायसवाल का BJP में आने से क्या होगा? इनसाइड स्टोरी
एसपी राकेश कुमार ने बताया, 'मोहम्मद बुद्दीन कई गंभीर आपराधिक मामलों में वॉन्टेड था और लंबे समय से पुलिस को उसकी तलाश थी। उसकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापेमारी की जा रही थी। गुप्त सूचना मिलने के बाद एसटीएफ और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की, जिसमें उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली।' पुलिस अब बद्दीन के आपराधिक नेटवर्क, हथियार सप्लाई और उसके सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाने में लगी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से जिले में सक्रिय अपराध गिरोहों पर बड़ा असर पड़ेगा।
