हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने शुक्रवार को पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की समीक्षा ली। बैठक में CCTV कैमरों, अपराधियों के डेटा सत्यापन, नाकाबंदी, बिना नंबर प्लेट वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षकों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। बैठक में पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने निर्देश दिए कि कैमरों की लोकेशन, कार्यशीलता, तकनीकी खराबियों और नेटवर्क संबंधी समस्याओं की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित की जाए।
यह भी पढ़ें: जींद के युवक ने बनाई 41 फीट लंबी सांझी, गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाना सपना
6,644 सीसीटीवी कैमरे लगाए
ERSS के पुलिस अधीक्षक हरीश जैन ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसमें बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में 389 पुलिस थाने और 327 पुलिस चौकियां हैं। इनमें हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा CCTV परियोजना के अंतर्गत कुल 6 हजार 644 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि सभी सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह वर्किंग कंडीशन में होने चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि कैमरों की लोकेशन, कार्यशीलता, तकनीकी खराबियों और नेटवर्क संबंधी समस्याओं की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित की जाए, ताकि कमियों की पहचान कर उन्हें समयबद्ध तरीके से दूर किया जा सके। उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को भी अपने-अपने जिलों में नियमित बैठकें आयोजित कर CCTV कैमरों की स्थिति की समीक्षा करने तथा उनकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
यह भी पढ़ें: फरीदाबाद: 12 साल की शादी, रिश्तों में आई दरार, करवाचौथ पर पति ने पी लिया तेजाब
सक्रिय अपराधियों का हुआ फिजिकल वेरिफिकेशन
RJSF यूनिटों द्वारा सक्रिय अपराधियों का रिकॉर्ड तैयार करने और उसे नियमित रूप से अपडेट करने की प्रगति की समीक्षा की गई। पुलिस महानिरीक्षक कानून एवं व्यवस्था राकेश आर्य ने बताया कि 29 अक्टूबर तक प्रदेश में कुल 47,124 सक्रिय अपराधियों का फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 29,416 अपराधियों की तस्वीरें फेस रिकग्निशन सिस्टम में अपलोड की जा चुकी हैं। प्रदेश के 11 जिलों में सक्रिय अपराधियों के डेटा का शत-प्रतिशत फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा कर लिया गया है।
DGP अजय सिंघल ने कहा कि फेस रिकग्निशन सिस्टम अपराधियों की पहचान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन जिलों ने सक्रिय अपराधियों का शत-प्रतिशत डेटा अपलोड कर दिया है, वे अब घोषित अपराधियों (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर्स-पीओ), बेल जंपर्स तथा मोस्ट वांटेड अपराधियों का डेटा भी फेस रिकग्निशन सिस्टम पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आगामी आगामी दो सप्ताह में यह कार्य पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि अपराधियों की पहचान और निगरानी की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
यह भी पढ़ें: हरियाणा में हर महीने हो रहे 90 हजार से ज्यादा नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन
रात्रि नाकाबंदी का सुपरविजन होगा
प्रदेश में रात्रि नाकों की समीक्षा कर DGP अजय सिंघल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रात्रि नाकाबंदी का सुपरविजन वरिष्ठ अधिकारी स्वयं करें। नाकों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के साथ-साथ वहां स्थापित सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धतता और उनकी नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए।
प्रदेश में 40 संवेदनशील स्थानों एवं बॉर्डर एरिया में नियमित रूप से नाके लगाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 250 स्थायी नाकों के साथ 288 अतिरिक्त नाका पॉइंट चिह्नित किए गए हैं, जिनकी सूची संबंधित जिलों के साथ शेयर की गई है।
यह भी पढ़ें: 'दिल्ली मत जाना...', राजकुमार गौतम क्यों हरियाणा के लोगों से कर रहे हैं अपील?
बिना HSRP वाले वाहनों के हुए चालान
बिना नंबर प्लेट और बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के सड़कों पर चलने वाले वाहनों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। DGP ने कहा कि ऐसे वाहनों की पहचान करना कठिन होता है, जिससे अपराधों की जांच और अपराधियों को पकड़ने में परेशानी आती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को अपने वाहनों पर नियमानुसार HSRP लगवाने के लिए प्रेरित किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऐसे वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए 1 जून, 2026 से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 28 अक्टूबर, 2026 तक कुल 31,22,168 वाहनों की जांच की गई। इस दौरान बिना नंबर प्लेट पाए जाने पर 1,14,566 वाहनों के चालान किए गए, जबकि बिना HSRP वाले 1,57,926 वाहनों के चालान किए गए। इसी अवधि में कुल 22,269 वाहन जब्त भी किए गए।
यह भी पढ़ें: ACP में देरी पर लगी याचिका, हाई कोर्ट ने लंबित सभी मामलों का मांग लिया ब्योरा
ERV रिस्पॉन्स टाइम कम करने का निर्देश
जिलों में तैनात इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) की परफॉरमेंस और रिस्पॉन्स टाइम की समीक्षा करते हुए DGP ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ERV पर तैनात पुलिसकर्मियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और रिस्पॉन्स टाइम कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
