पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन (PPSC) की ओर से पंजाब PCS मुख्य परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी होते ही विवाद शुरू हो गया। 4 नवंबर 2026 को जारी रिजल्ट में 751 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। ये उम्मीदवार 331 पदों के लिए अगले चरण में पहुंचेंगे लेकिन रिजल्ट आने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। आरोप लगाया जा रहा है कि एक ही एग्जाम सेंटर से ज्यादातर उम्मीदवार पास हुए हैं। इसके साथ ही एक ही लाइन में बैठे कई उम्मीदवार पास हुए, जबकि अन्य सेंटर्स से सिलेक्ट होने वाले उम्मीदवारों की संख्या काफी कम है। 

 

दरअसल, रिजल्ट आने के बाद अभ्यर्थियों ने चयनित उम्मीदवारों के रोल नंबर और परीक्षा केंद्रों का मिलान करना शुरू किया। इसी दौरान दावा किया गया कि कुछ परीक्षा केंद्रों के एक-एक कमरे से 10 से 11 उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए सफल हुए हैं। एक कमरे में कुल 24 उम्मीदवार बैठे थे। ऐसे में करीब 40 से 45 फीसदी उम्मीदवारों का सफल होना सवालों के घेरे में आ गया। अभ्यर्थियों ने यह भी दावा किया कि अलग-अलग परीक्षा केंद्रों के रिजल्ट में काफी अंतर है। एक केंद्र से 24.21 फीसदी उम्मीदवार सफल बताए गए, जबकि दूसरे केंद्र के कुछ कमरों में यह आंकड़ा महज 2.89 फीसदी रहा। 

 

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रोल नंबर पर भी उठे सवाल

इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा 86 उम्मीदवारों के रोल नंबर को लेकर हो रही है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने दावा किया कि चयनित उम्मीदवारों में 86 ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिनके रोल नंबर तीन या चार के ग्रुप में लगातार आते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या रोल नंबर आवंटित करने या परीक्षा केंद्रों पर बैठने की व्यवस्था में कोई गड़बड़ी हुई थी? इस मामले में अब उम्मीदवार अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

सरकार को घेरा

इस मामले में कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने पंजाब सरकार को घेरा है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक परगट सिंह ने भी रिजल्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ कमरों में 40 फीसदी से ज्यादा उम्मीदवारों का सफल होना और अलग-अलग केंद्रों के नतीजों में इतना अंतर होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने PPSC से पूरे मामले पर जवाब देने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। वहीं, बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए जांच पूरी होने तक इंटरव्यू की प्रक्रिया रोकने की मांग की। 

 

बीजेपी ने गवर्नर को लिखा पत्र

इस मामले में अब भारतीय जनता पार्टी काफी एक्टिव मोड में नजर आ रही है। रिजल्ट पर सवाल उठने के बाद अब बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने पंजाब के गवर्नर को पत्र लिखा है। अपने इस पत्र में उन्होंने गवर्नर से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी CBI जांच के आदेश देने के लिए कहा है। 

 

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CBI जांच की मांग क्यों? 

उम्मीदवारों का आरोप है कि कुछ ऐसे रोल नंबर भी सफल उम्मीदवारों की सूची में शामिल हैं, जिनके अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित थे। इसके अलावा उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और रोल नंबर आवंटित करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। अभ्यर्थियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पंजाब के मुख्यमंत्री और CBI से शिकायत कर मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले उम्मीदवारों के साथ अन्याय न हो।