राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट और पुलिस की अदालत में दाखिल बरामदगी रिपोर्ट के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। ट्रस्टियों की बैठक के बाद सोमवार को सार्वजनिक हुई एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के पृष्ठ संख्या-5 में दर्ज तथ्यों ने बरामदगी को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एसआईटी के गठन से पूर्व ट्रस्ट की ओर से कुल 81 लाख 19 हजार रुपये, 1121 अमेरिकी डॉलर, आभूषण और बहुमूल्य वस्तुएं बरामद की गई थीं जबकि पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद अदालत में दाखिल बरामदगी मेमो में 79,85,493 रुपये, 1121 अमेरिकी डॉलर और सोना-चांदी बरामद होना दर्शाया है। दोनों आंकड़ों में 1 लाख 33 हजार 507 रुपये का अंतर सामने आया है।
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के पृष्ठ संख्या-5 में सदस्यों ने अपने प्रतिवेदन में लिखा है कि एसआईटी के गठन से पूर्व ट्रस्ट की ओर से कुल 81 लाख 19 हजार रुपये, 1121 अमेरिकी डॉलर, आभूषण और बहुमूल्य वस्तुएं बरामद की गई थीं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 78 लाख 94 हजार रुपये आरोपियों की निशानदेही पर बरामद किए गए जबकि 2 लाख 25 हजार रुपये 4 जून को गिनती कक्ष से सटे बाथरूम से बरामद हुए थे। इन्हें जोड़ने पर कुल बरामदगी 81 लाख 19 हजार रुपये होती है। रिपोर्ट में यह बरामदगी अनुकल्प मिश्रा, लवकेश मिश्रा, अविनाश शुक्ल, मनीष यादव, करणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा से संबंधित बताई गई है। यदि गिरफ्तारी के समय रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास से मिले एक लाख रुपये को भी जोड़ दिया जाए तो बरामद राशि का आंकड़ा और बढ़ जाता है।
यह भी पढ़ें: दिल्ली में तय होगा राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव का नाम, किसके नाम की चर्चा?
पुलिस ने कोर्ट में क्या दिखाया?
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अदालत में दाखिल बरामदगी मेमो में सात आरोपियों से 79 लाख 85 हजार 493 रुपये, 1121 अमेरिकी डॉलर, सोना-चांदी और अन्य सामान बरामद होना दर्शाया।
पुलिस के अनुसार बरामदगी इस प्रकार रही—
अविनाश शुक्ल – 20.39 लाख रुपये, 1121 अमेरिकी डॉलर, 159.54 ग्राम चांदी, 8.11 ग्राम सोना और अंगूठी।
अनुकल्प मिश्रा – 16.82 लाख रुपये।
लवकेश मिश्रा – 14.25 लाख रुपये।
रमाशंकर मिश्रा – 7.32 लाख रुपये, 24.72 ग्राम चांदी और दो सिक्के।
मनीष यादव – 2 लाख रुपये।
करणेश पांडेय – 18.07 लाख रुपये।
रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू – 1 लाख रुपये।
पहले भी 33,507 रुपये गायब होने की बात आई थी। जांच से जुड़े दस्तावेजों में पहले ही 33 हजार 507 रुपये गायब होने का उल्लेख किया जा चुका है। अब एसआईटी और पुलिस की बरामदगी के आंकड़ों में भी 1 लाख 33 हजार 507 रुपये का अंतर सामने आने से जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
13 जून को बनी थी एसआईटी
मामला सुर्खियों में आने के बाद राज्य सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। छह दिन की जांच के बाद 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को रामजन्मभूमि थाने में आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में बरामदगी का ब्योरा पेश किया।
यह भी पढ़ें: पूर्व ARTO के घर से 13 किलो सोना, 20 करोड़ के जेवर और 1.62 करोड़ कैश बरामद
सबसे बड़ा सवाल
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट केपृष्ठ संख्या-5 में दर्ज 81 लाख 19 हजार रुपये और पुलिस द्वारा अदालत में पेश 79 लाख 85 हजार 493 रुपये के बीच 1 लाख 33 हजार 507 रुपये का अंतर आखिर क्यों है? यदि ट्रस्ट की ओर से इससे अधिक बरामदगी दर्ज की गई थी, तो अदालत में कम रकम क्यों दिखाई गई? यही सवाल अब राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के केंद्र में है और आने वाले दिनों में इस पर जवाबदेही तय होना तय माना जा रहा है।
