हरियाणा में शिक्षा के स्तर को और ज्यादा बेहतर बनाने के लिए विभाग की तरफ से नया अभियान शुरू किया जा रहा है। जिसका नाम 'मिशन सफलता' रखा गया है। इस अभियान के तहत विभाग की तरफ से सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को आदेश जारी किए गए हैं।
'मिशन सफलता' को लेकर 7 प्वॉइंट्स बनाए गए हैं। जिसमें मुख्य प्वॉइंट ये है कि अब हरियाणा के सभी सरकारी स्कूलों में हर शनिवार को 10वीं व 12 कक्षा के विद्यार्थियों का टेस्ट लिया जाएगा। इस टेस्ट में विशेष बात ये रहेगी कि ये ओपन बुक टेस्ट होगा। यानी विद्यार्थी किताबों को देखकर भी प्रशन हल कर सकेंगे। स्कूलों के परीक्षा परिणाम को सुधारने के लिए ये प्रयास किया जा रहा है।
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तीन जोन में बांटे जाएंगे विद्यार्थी
इस योजना के तहत विद्यार्थी तीन जोन में बांटे जाएंगे। रेड, येलो और ग्रीन जोन। 50 प्रतिशत से कम अंक लाने वाले रेड जोन में, 50 से 80 प्रतिशत के बीच अंक लाने वाले येलो जोन में और 80 से 90 के बीच में अंक लाने वाले ग्रीन जोन में होंगे। विद्यार्थियों को बेसिक कॉन्सेप्ट समझाने के साथ विषय संबंधी समझ और लिखने की क्षमता को सुधारा जाएगा। टेस्ट के दौरान विद्यार्थियों की गलतियों की पहचान की जाएगी। गलतियों में सुधार के लिए दोबारा टेस्ट लिया जाएगा। अंग्रेजी, गणित और विज्ञान के विषयों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
विभाग का उद्देश्य केवल पास प्रतिशत बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की विषयवार दक्षता व समग्र शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार करना है। इस योजना के तहत शून्य उत्तीर्ण प्रतिशत वाले विद्यालयों को समाप्त किया जाएगा। 100 प्रतिशत उत्तीर्ण प्रतिशत प्राप्त करने वाले विद्यालयों की संख्या दोगुनी करें। इस योजना से पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों की पहचान होगी। वहीं अतिरिक्त कक्षाएं भी लगाई जाएंगी। अधिकारी हर महीने इसकी समीक्षा भी करेंगे। ब्लॉक स्तर पर रेड जोन स्कूलों में सबसे निचले स्तर के 3 स्कूलों की पहचान कर उनमें विशेष सुधार पर ध्यान दिया जाएगा।
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100 प्रतिशत परिणाम देने वाले शिक्षक होंगे सम्मानित
जिले भर में लगातार 100 प्रतिशत परिणाम देने वाले शिक्षकों की पहचान की जाएगी और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को साझा करने के लिए जिला स्तर पर त्रैमासिक रूप से 1 से 2 दिवसीय संवादात्मक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कम प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों के लिए कक्षा प्रबंधन, विभिन्न शिक्षण रणनीतियों और कठिन विषयों के लिए अनुकूलित पाठ योजना सीखने पर जोर दिया जाएगा। शिक्षक दिवस पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
प्रासंगिक विषयों से संबंधित वीडियो पाठ उपलब्ध सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी उपकरणों का उपयोग किया जाएगा, ताकि उन विद्यालयों में शिक्षण की निरंतरता सुनिश्चित हो सके, जहां विषय शिक्षक वर्तमान में अनुपलब्ध हैं। शिक्षा एवं शिक्षण अधिकारी द्वारा नामित पास के किसी विद्यालय से एक अतिथि शिक्षक को इन विशिष्ट विद्यालयों में भेजा जाएगा। 1 जनवरी से बोर्ड परीक्षाओं के समापन तक, गणतंत्र दिवस समारोहों को छोड़कर बोर्ड कक्षाओं के छात्रों के लिए सभी गैर-शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लागू रहेगा। इन कक्षाओं से जुड़े शिक्षकों को भी इस अवधि के दौरान अन्य कार्यों से मुक्त रखा जाएगा ताकि परीक्षा की तैयारी सुचारू रह सके।
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DEO को ये आदेश हुए जारी
सभी DEO को आदेश दिए गए हैं कि वह अपने जिले के सभी सरकारी स्कूलों के हेड को निर्देश दें कि वह समयानुसार कक्षाएं नियमित संचालित करें। डीईओ को ये भी आदेश हैं कि वह विद्यालयों का दौरा कर स्कूल हेड से रिपोर्ट लें। साथ ही सुनिश्चित करेंगे कि वैकल्पिक व्यवस्थाओं या आधिकारिक कर्तव्यों के कारण छूटे हुए किसी भी विषय की अतिरिक्त कक्षा लगाई जाए। समय-समय पर अभिभावक-शिक्षक बैठकें (PTM) आयोजित करें। अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता वाले छात्रों के अभिभावकों से संपर्क बनाए रखें।
