बॉम्बे हाई कोर्ट ने सहकर्मी के यौन उत्पीड़न मामले में 'तहलका' मैगजीन के फाउंडर तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा सुनाई। उन्हें दो हफ्ते में आत्मसमर्पण करना होगा। गोवा के एक सत्र न्यायालय ने पांच साल पहले तरुण को बरी कर दिया था। हालांकि गुरुवार को हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया। सजा के ऐलान के बाद तेजपाल ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने की बात कही। उन्होंने सरकार पर बदले की भावना से फंसाने का आरोप लगाया।
तरुण तेजपाल ने कहा कि हम 100 फीसद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। हमें कोई संशय नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, 'राजनीतिक प्रतिशोध और तहलका के काम के कारण मेरे पीछे पड़े हैं। ट्रायल कोर्ट में साढ़े सात साल केस लड़कर हम लोग बरी हुए। अभी ये लोग फिर पीछे पड़ गए हैं, जो इनके साथ हो गए हैं, उनको तो ये बरी कर देते हैं। जिन्होंने इनके खिलाफ कभी भी पत्रकारिता की है, वे उनके पीछे पड़े रहते हैं।'
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दर्जनों लोगों को फंसाया गया
तेजपाल ने आगे कहा, 'आप पिछले 12 साल में देखिए कि कितने लोगों को गलत-गलत केस में फंसाया गया है। मुझे भी फंसा रखा है। उमर खालिद और शरजील इमाम समेत दर्जनों लोग जेल में है। मैं भी उनमें से एक हूं।'
तेजपाल ने कहा, 'तहलका' की रिपोर्टिंग से शायद उन्हें कुछ राजनीतिक नुकसान हुआ हो या उनके निजी हितों को चोट पहुंची हो। वे पिछले 13 सालों से बदले की भावना से मेरे पीछे पड़े हैं। इन्होंने मेरी पत्रकारिता बंद करवा दी। तहलका बंद करवा दी। मेरी किताबों को छपना बंद करवा दिया। लेकिन हम लड़ेंगे। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि ऐसे जज हैं, जो सच देखेंगे। मेरे पास इतने सबतू हैं कि मुझे 10 बार बरी हो जाना चाहिए।'
क्या है मामला?
यह मामला साल 2013 का है। गोवा में 'थिंकफेस्ट' कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आरोप है कि इसी कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में तेजपाल ने एक महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म किया। हालांकि 2021 में निचली अदालत ने तेजपाल को बरी कर दिया। गोवा सरकार ने फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी।
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने तेजपाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(F) (संरक्षक या विश्वास अथवा प्राधिकार की स्थिति में रहने वाले व्यक्ति द्वारा महिला से दुष्कर्म), धारा 354(A) (यौन उत्पीड़न) और धारा 354(B) (महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से उसके खिलाफ आपराधिक बल प्रयोग) के तहत दोषी करार दिया है। अदालत में तरुण ने कहा, 'मैं 62 वर्ष का हूं। मेरी दो बेटियां हैं और मेरी पत्नी भी है। मैं राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई का शिकार हूं। मेरे वकीलों ने भी मुझसे कहा है कि मैं अदालत से नरमी बरतने की गुजारिश करूं।'
