राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कथित अतिक्रमण और अवैध निर्माण के नाम पर देश के अलग-अलग हिस्सों में मस्जिदों, मदरसों और मजारों पर हो रही कार्रवाई को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों का समाधान संविधान, कानून और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। तेजस्वी ने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान बुलडोजर से नहीं बल्कि संविधान, कानून और अदालत के जरिए होना चाहिए।

 

तेजस्वी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए संविधान और कानून का पालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि मस्जिद हो, मंदिर हो, चर्च हो, गुरुद्वारा हो, मजार हो या मदरसा, कानून सबके लिए समान होना चाहिए। उनके मुताबिक, सरकारी जमीन या अवैध निर्माण का दावा राज्य को संविधान और कानूनी प्रक्रिया से ऊपर नहीं कर सकता।

 

यह भी पढ़ें: कीट नियंत्रण के लिए किसानों को मिलेगा 75% तक अनुदान, ऐसे मिलेगा योजना का लाभ

सहारनपुर मस्जिद पर उठाए सवाल

तेजस्वी ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद हटाए जाने की घटना पर भी सवाल उठाए। प्रशासन का कहना है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी थी और अदालत की प्रक्रिया के बाद इसे हटाया गया। वहीं मस्जिद प्रबंधन की ओर से कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। प्रबंधन का कहना है कि उसे पर्याप्त समय नहीं दिया गया और सुनवाई का पूरा मौका नहीं मिला।

 

तेजस्वी ने संभल और गाजियाबाद में मस्जिदों व मदरसों, मुजफ्फरनगर में मदरसे, मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से, उत्तराखंड और गुजरात में मजारों, असम में मस्जिद, दिल्ली में मस्जिद व मदरसे तथा महाराष्ट्र, राजस्थान और तेलंगाना में धार्मिक स्थलों से जुड़ी कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में प्रशासन अतिक्रमण और अवैध निर्माण का हवाला दे रहा है लेकिन कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

 

तेजस्वी ने कहा, 'पिछले कुछ महीनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी खबरें लगातार सामने आ रही हैं। कहीं मस्जिद, कहीं मदरसा तो कहीं मजार को अतिक्रमण बताकर हटाया जा रहा है।' उनके मुताबिक, इससे एक समुदाय विशेष में डर और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। उन्होंने सरकार से ऐसी कार्रवाई संविधान के दायरे में रहकर करने की बात कही।

 

यह भी पढ़ें: बिहार के 4 जिलों में बनेंगे 21 ROB, जाम और रेलवे फाटक से मिलेगी राहत

'कानून सबके लिए एक जैसा हो'

तेजस्वी ने कहा कि मस्जिद हो, मंदिर हो, चर्च हो, गुरुद्वारा हो, मजार हो या मदरसा, कानून सबके लिए समान होना चाहिए। किसी धार्मिक स्थल से जुड़े जमीन या अतिक्रमण के विवाद में संबंधित पक्ष को कानूनी नोटिस, सुनवाई और न्यायिक राहत का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई निर्माण अवैध है तो उसे हटाने से पहले पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। संबंधित पक्ष को अपनी बात रखने और अदालत जाने का अधिकार मिलना चाहिए। तेजस्वी ने कहा, 'प्रशासन को ऐसे मामलों में जल्दबाजी से बचना चाहिए और कानून के तहत ही कार्रवाई करनी चाहिए।'

 

तेजस्वी ने संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 25 का जिक्र करते हुए कहा कि सभी नागरिकों को कानून के सामने समानता, जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता तथा धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्रवाई का आधार किसी की धार्मिक पहचान नहीं बल्कि कानून और संविधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों का समाधान संविधान, कानून और अदालत के जरिए होना चाहिए। किसी भी समुदाय के धार्मिक स्थल के मामले में समान कानूनी मानदंड और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।

 

तेजस्वी ने न्यायपालिका और मानवाधिकार संस्थाओं से भी अपील की कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में कानून का पालन और नागरिकों के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा, 'न्यायपालिका संविधान की रक्षक है और उसे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी नागरिक के साथ अन्याय न हो। राजद सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और सभी धर्मों के सम्मान में विश्वास रखता है। पार्टी संविधान प्रदत्त अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाती रहेगी। देश में सभी लोग मिलजुलकर रहें और सभी संस्थाएं संविधान और कानून के दायरे में रहकर काम करें।'