पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान की पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, सरीना बीबी ने 16 जून को पुलिस थाने के पास विरोध प्रदर्शन किया था ताकि उनके पति जहांगीर को जेल से रिहा किया जा सके। पुलिस का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं था। इस दौरान पुलिस थाने के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी, जिससे इलाके की शांति भंग हो गई थी। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। इसी विरोध प्रदर्शन के कारण सरीना को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में अब तक 27 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

 

सरीना बीबी को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। वह पिछले कई दिनों से फरार चल रही थीं। पुलिस ने 8 जून को जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था, जब वह भारत से नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे। उस दौरान पुलिस ने जहांगीर को गिरफ्तार करने के बाद बंगाल की सड़कों पर माफी मंगवाते हुए परेड भी करवाई थी। अब सवाल उठता है कि जहांगीर को पुलिस ने क्यों गिरफ्तार किया था।

 

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किस आरोप में जहांगीर को किया गया गिरफ्तार?

पिछले चुनाव के बाद जहांगीर खान राजनीति और पार्टी कार्यालयों में नजर नहीं आए। उनके खिलाफ 7 लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिनमें संपत्ति की वसूली और महिलाओं को गैंगरेप की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस ने 8 जून को जहांगीर को गिरफ्तार किया था।

 

जहांगीर को चुनावों में मिली हार

 

जहांगीर खान टीएमसी  के एक प्रभावशाली नेता माने जाते हैं, जिनकी बंगाल के फालता इलाके में अच्छी पकड़ थी। जब 2026 के विधानसभा चुनाव हो रहे थे, तब फालता क्षेत्र में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था, जिसमें वोटों की हेराफेरी के आरोप लगे थे। इसके बाद 21 मई को दोबारा मतदान कराया गया। हालांकि, उससे पहले ही जहांगीर ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद वह कई दिनों तक राजनीति और पार्टी के ऑफिस से दूर रहे।

 

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सरीना ने किया था पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध


पुलिस के मुताबिक, जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद सरीना बेहद नाराज थीं। इसके बाद उन्होंने 16 जून को अपने समर्थकों के साथ पुलिस थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ पुलिस अधिकारियों पर दबाव बना रही थी कि वे जहांगीर को रिहा करें। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की भी कोशिश की थी।