भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी ने एक संदिग्ध घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। बिना वैध वीजा और पासपोर्ट के भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे दो विदेशी नागरिकों को सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया है। मामले के सामने आते ही खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है।

 

बताया जाता है कि सीमा क्षेत्र में नियमित जांच अभियान के दौरान सुरक्षा कर्मियों की नजर दो विदेशी नागरिकों पर पड़ी, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब उनसे यात्रा और पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई वैध वीजा या पासपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में लिया। 

 

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गिरफ्तार विदेशी नागरिकों की पहचान आंग निक लैट और जुनिला बेक श्रेष्ठा के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में उनके भारत आने के उद्देश्य को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों नेपाल के रास्ते भारत में क्यों प्रवेश करना चाहते थे और देश के भीतर उनके संपर्क किन लोगों से जुड़े हो सकते हैं?

दस्तावेजों की बारीकी से की जा रही है जांच 

सूत्रों के अनुसार दोनों के मोबाइल फोन, यात्रा इतिहास और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि कहीं मामला किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, अवैध गतिविधि या संगठित गिरोह से तो जुड़ा नहीं है। हालांकि अधिकारियों ने अभी किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

 

घटना के बाद रक्सौल बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सीमा पर तैनात जवानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद विदेशी अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

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खुली सीमा बनी चुनौती

भारत-नेपाल की खुली सीमा अक्सर सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी रहती है। ऐसे में रक्सौल बॉर्डर पर हुई यह कार्रवाई सुरक्षा बलों की सतर्कता का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है। फिलहाल दोनों विदेशी नागरिकों से पूछताछ जारी है और एजेंसियां उनके भारत आने के असली मकसद तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।