ग्रामीण इलाकों में रहने वाले जिन परिवारों के पास अपना पक्का मकान नहीं है उनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) काफी महत्वपूर्ण सरकारी योजना है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है।
इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बेघर और कच्चे या जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। अगर आप भी प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो इसके लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तों को पूरा करना होता है। लाभार्थियों का चयन सरकार द्वारा तय मानदंडों के आधार पर किया जाता है।
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कौन ले सकता है इस योजना का लाभ ?
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे परिवारों को मिलता है जो बेघर हैं या कच्चे/जर्जर मकान में रह रहे हैं। लाभार्थियों की पहचान सरकार द्वारा तय सामाजिक-आर्थिक मानदंडों और आवास की स्थिति के आधार पर की जाती है। योजना में ऐसे परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है जिनके पास रहने के लिए पर्याप्त पक्का मकान नहीं है। इसके अलावा, परिवार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति, आवास की स्थिति तथा अन्य निर्धारित पात्रता शर्तों की जांच के बाद लाभार्थी का चयन किया जाता है। इसलिए केवल ग्रामीण क्षेत्र में रहने से ही योजना का लाभ मिलना तय नहीं होता।
कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मैदानी क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों को पक्का घर बनाने के लिए 1.20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं उत्तर-पूर्वी राज्यों और पहाड़ी क्षेत्रों में यह सहायता 1.30 लाख रुपए है। यह राशि योजना के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार है। इसके अलावा शौचालय निर्माण के लिए 12,000 रुपए की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान है। लाभार्थियों को घर बनाने के लिए MGNREGA के तहत 90/95 दिनों की अकुशल मजदूरी का लाभ भी दिया जाता है।
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कैसे मिलेगा लाभ ?
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले पात्र परिवारों की पहचान सरकार द्वारा तय मानकों के आधार पर की जाती है। यदि आपका परिवार योजना के लिए पात्र है तो आपका नाम लाभार्थी सूची में शामिल किया जा सकता है। इसके बाद ग्राम पंचायत स्तर पर जरूरी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाती है। लाभार्थी का नाम सूची में आने और वेरिफिकेशन पूरी होने के बाद आवास निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि बैंक खाते के माध्यम से दी जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत या स्थानीय सरकारी अधिकारी से संपर्क कर प्रक्रिया की जानकारी ली जा सकती है।
कैसे करें आवेदन ?
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए लाभार्थियों की पहचान सरकार द्वारा तय पात्रता और सर्वे के आधार पर की जाती है। यदि आप पात्र हैं तो वेरिफिकेशन के लिए अपनी ग्राम पंचायत, पंचायत समिति या संबंधित सरकारी अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए बैंक खाता, आधार नंबर, मनरेगा जॉब कार्ड, मोबाइल नंबर और जमीन से जुड़े दस्तावेज जैसे कागजात मांगे जा सकते हैं।
PMAY-G के तहत लाभ लेने के लिए सामान्य लाभार्थी सीधे वेबसाइट पर जाकर साधारण आवेदन फॉर्म जमा नहीं कर सकते। पात्र ग्रामीण परिवारों की पहचान के लिए Awaas+ 2024 के माध्यम से Self Survey की सुविधा दी गई है। इसके लिए लाभार्थी को आधिकारिक PMAY-G वेबसाइट पर जाकर AwaasPlus 2024 से जुड़ी जानकारी देखनी होगी और ऐप के जरिए परिवार की आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी।
इस प्रक्रिया में आधार आधारित e-KYC और घर से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाती है। Self Survey पूरा होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा जानकारी का वेरिफिकेशन कि जाती है। पात्र पाए जाने पर आगे की प्रक्रिया के तहत लाभार्थी का नाम योजना में शामिल किया जाता है और आवास निर्माण के लिए सहायता राशि स्वीकृत की जाती है।
