क्या भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 12 अरब डॉलर के मूल्य का सोना बेच दिया है? सोशल मीडिया पर यह सवाल ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के बाद तैर रहा है। ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण अपने विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने की खातिर हो सकता है कि आरबीआई ने सोना बेचा हो।

 

बुधवार को आरबीआई ने एक बयान जारी करके इन खबरों का खंडन किया है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि सोने के भौतिक भंडार में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वह अब भी 880.52 टन बना हुआ है। आगे कहा कि आरबीआई इस बात पर जोर देता है कि ये खबरें सही नहीं हैं। आम जनता को सलाह दी जाती है कि वह ऐसे मामलों में समय-समय पर आरबीआई की प्रकाशित आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

 

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पीआईबी ने बताया फर्जी खबर

उधर, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने भी ब्लूमबर्ग की खबर का फैक्ट चेक किया और खबर को फर्जी बताया। पीआईबी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, 'ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आरबीआई ने 12 बिलियन डॉलर का सोना बेचा हो सकता है।' यह दावा फर्जी है।

 

 

 

 

आरबीआई के अनुसार भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी सितंबर 2025 के आखिर में 13.92% से बढ़कर 31 मार्च 2026 को 16.70% हो गई और 22 मई 2026 तक यह और बढ़कर 16.85% हो गई। सोने के भौतिक स्टॉक की जानकारी भी आरबीआई अपने मासिक बुलेटिन में देता है। इसका नवीनतम संस्करण आरबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

 

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ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में क्या है?

ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि भारत ने 22 मई खत्म होने वाले दो सप्ताहों के दौरान 7.5 अरब डॉलर मूल्य की विदेशी मुद्रा संपत्तियों की खरीद की। वहीं 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा है। दावा किया गया कि आरबीआई के इस कदम से विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये को मजबूती मिली। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मार्च के अंत तक आरबीआई के पास 880.52 मीट्रिक टन सोना था। करीब 77 फीसद भंडार भारत में रखा है। छह महीने पहले लगभग 66 फीसद सोने का भंडार देश में था।