अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारतीय मूल के नितीश कौशल को अपनी मोस्ट वॉन्टेड ऑर्गनाइज्ड क्राइम लिस्ट में शामिल कर लिया है। अमेरिका की और से यह कदम अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच उठाया गया है। एफबीआई ने इस कार्रवाई को लेकर कहा कि नितीश कौशल पर एस क्रिमिनल नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप हैं, जो अमेरिका और अन्य देशों में एक्टिव हैं।  

 

एफबीआई के अनुसार, नितीश कौशल को लिस्ट में इसलिए शामिल किया गया क्योंकि उनका मानना है कि वह ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम से जुड़े मामलों में वांटेड (वांछित) है। एजेंसी का कहना है कि इस तरह के नेटवर्क कई देशों में सक्रिय रहते हैं और जबरन वसूली, हिंसक अपराध, अवैध गतिविधियों तथा संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।

 

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मोस्ट वांटेड लिस्ट में क्यों किया शामिल?

एफबीआई की वेबसाइट पर नितीश कौशल का नाम अब 'ऑर्गनाइज्ड क्राइम मोस्ट वांटेड' सेक्शन में दर्ज है। किसी व्यक्ति का इस लिस्ट में शामिल होना यह दिखाता है कि एजेंसी उसे पकड़ने के लिए जनता से भी सूचना मांग रही है और उसे जांच में महत्वपूर्ण व्यक्ति मान रही है। भारतीय मूल के नितीश कौशल को गैंग से जुड़े होने के कारण इस लिस्ट में शामिल किया गया है। एफबीआई का आरोप है कि नितीश कौशल जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। यह गैंग भारत से शुरू होकर अमेरिका समेत अन्य देशों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देती है। 

एफबीआई ने क्या बताया?

एफबीआई ने बताया कि जग्गू भगवानपुरिया ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप के नाम से जाने जाने वाले ग्रुप से जुड़ा हुआ था। इसकी शुरुआत भारत के पंजाब राज्य से हुई थी और बाद में इसने अमेरिका के कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट समेत अन्य क्षेत्रों में भी अपनी गतिविधियां फैलाईं। एजेंसी का आरोप है कि निकीश कौशल ने भगवानपुरिया गैंग की ओर से हिंसक वारदातों को अंजाम दिया, जिनमें अपहरण और मारपीट जैसी घटनाएं शामिल हैं।

 

25 जून 2026 एफबीआई ने अमेरिका के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया (लॉस एंजिलिस) की संघीय जिला अदालत ने नितीश कौशल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उसके खिलाफ रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गनाइजेशंस (RICO) साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 

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कुछ दिन पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर भी हुआ एक्शन

कुछ दिन पहले अमेरिकी एजेंसियों की अगुवाई में 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की गई थी। इस अभियान में अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 50 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों ने कार्रवाई के दौरान हथियार, मादक पदार्थ और नकदी भी बरामद की। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान सीमा पार सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क को तोड़ने की रणनीति का हिस्सा था।