ओमान तट के करीब एमटी जलवीर जहाज पर हमला किया गया है। वहीं ओमान के खासब बंदरगाह के नजदीक ईरानी मालवाहक पोत पर भी मिसाइल से अटैक किया गया है। एमटी जलवीर पर करीब 20 भारतीय नाविक सवार है। सभी को सुरक्षित निकालने का प्रयास चल रहा है। कुछ दिन पहले ही 'एमटी सेटेबेलो' पर अमेरिकी नौसेना ने हमला किया था। इसमें सवार 21 भारतीयों को बचा लिया गया। दो के शव मिले हैं और अन्य लापता है।
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने सबसे पहले एक्स पर लिखा था, 'हमें आज ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक जहाज से जुड़ी घटना के बारे में पता चला है। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और आगे की जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।' बाद में यह स्पष्ट हुआ कि एमटी जलवीर पर अटैक हुआ है। इस पर भारतीय नागरिक सवार हैं। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि हमला ईरान या अमेरिका में से किसने किया है?
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एमटी जलवीर पर हमले पर बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि जहाज पर 20 भारतीय नाविक सवार हैं और सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है। ओमान में भारतीय दूतावास ने बताया कि एमटी जलवीर से शिनास बंदरगाह तक क्रू को निकालने का काम ओमान की रॉयल नेवी की मदद से किया जा रहा है और यह जल्द ही पूरा हो जाएगा।
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उन्होंने आगे बताया कि 11 जून को गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला एक जहाज (बिटुमेन टैंकर) एमटी जलवीर ओमान के शिनास बंदरगाह के पास समुद्री सुरक्षा से जुड़ी एक घटना में शामिल था। क्रू सदस्यों को शिनास बंदरगाह तक निकालने का काम शुरू हो गया है। छह और लोगों को निकाला जाना है। मंत्रालय स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों, भारतीय नौसेना और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार तालमेल जारी है।
