अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब युद्ध में बदल गया है। सोमवार से ही अमेरिका ने ईरान पर बमबारी कर रहा है। ईरान के कई इलाकों में जोरदार धमाके सुनाई दे रहे हैं।। बसहर, बंदर अब्बास, किश, केश, अबू मूसा और उमिदीये में तेज धमाके हुए हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, इन हमलों में कई लोग घायल हुए हैं।
संयुक्त अरब अमीरात ने बताया कि ईरान ने उसके दो तेल टैंकरों पर क्रूज मिसाइलें दागीं। इसमें मोम्बासा टैंकर पर हमला हुआ, जिसमें एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई और 8 अन्य घायल हुए। हमला ओमान के समुद्री इलाके में हुआ है।
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होर्मुज पर 20 फीसदी टोल लेगा अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर फिर से नाकाबंदी लगा रहा है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का अमेरिका संरक्षक बनेगा और वहां से गुजरने वाले माल पर 20 फीसदी शुल्क वसूलेगा।
ईरान पर अमेरिका बढ़ा रहा है सख्ती
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ समझौता, ईरान ने पास नहीं किया, इसलिए अब सख्ती बढ़ाई जा रही है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल सिस्टम पर हमला करने का दावा किया। ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलें दागीं। बहरीन में कई बार सायरन बजाए गए। लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी गई है।
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जंग का तेल की कीमतों पर असर क्या?
तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 9.5 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 83 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। दुनियाभर में अब यह आशंका जताई जा ही है कि होर्मुज की तेल आपूर्ति बाधित होगी, जिसकी वजह से संकट पैदा होगा।
नई झड़प का असर क्या है?
ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमलों में अब तक कम से कम 2 लोग मारे गए और कई घायल हुए हैं। दोनों तरफ से हमले जारी हैं और स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। हॉर्मुज स्ट्रेट, से ही दुनिया का 20 फीसदी तेल गुजरता है। यह दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है, जहां स्थति तनावपूर्ण बनी हुई है।
