अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को बड़ा बयान दिया। वेंस ने कहा कि अमेरिका का ट्रंप प्रशासन दुनिया की सबसे पागल सरकार को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दे सकता। जेडी वेंस ने यह बयान जिनेवा में अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले दिया है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, 'आप दुनिया की सबसे पागल और सबसे खराब सरकार को परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकते।' उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ईरान को परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकने के लिए पक्का इरादा रखता है, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी भी कूटनीतिक समाधान पसंद करते हैं।
एक इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ बातचीत जारी रहने के बावजूद कूटनीतिक समाधान चाहते हैं।
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ट्रंप का दिया संदेश
उन्होंने कहा, 'और यह बहुत आसान है। मुझे लगता है कि ज्यादातर अमेरिकी समझते हैं कि आप दुनिया की सबसे पागल और सबसे खराब सरकार को परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकते। राष्ट्रपति यही कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने यही हमारा गोल तय किया है। वह इसे डिप्लोमैटिक तरीके से पूरा करने की कोशिश करेंगे। लेकिन जैसा कि हम सब जानते हैं, बिल, राष्ट्रपति के पास यह पक्का करने के लिए कई और तरीके हैं कि ईरान ऐसा ना कर पाए। इरान ने परमाणु हथियार के इस्तेमाल करने की इच्छा दिखाई है और मुझे उम्मीद है कि ईरानी कल अपनी बातचीत में इसे गंभीरता से लेंगे, क्योंकि राष्ट्रपति निश्चित रूप से यही चाहते हैं।'
जेडी वेंस ने यह भी कहा, 'हमें ऐसी स्थिति में पहुंचना होगा जहां ईरान, जो दुनिया में आतंकवाद का सबसे बड़ा देश है, दुनिया को परमाणु आतंकवाद से धमकी न दे सके।'
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दूसरे राउंड की बातचीत के बाद बयान
वेंस ने यह बयान स्विट्जरलैंड के जिनेवा में दूसरे राउंड की बातचीत के बाद उनके यह कहने के कुछ दिनों बाद आई है कि ईरान ने अभी तक ट्रंप की सभी चेतावनियों को नहीं माना है। इससे पहले जेडी वेंस ने कहा था कि बातचीत के मिले-जुले नतीजे निकले हैं। दोनों पक्ष बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए लेकिन ईरान अमेरिका की जरूरी मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं है।
दरअसल, ओमान की मध्यस्थता में हो रही बातचीत का मकसद ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई को टालना है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जिनेवा मीटिंग के बाद कहा कि तेहरान और वाशिंगटन एक संभावित डील के लिए सिद्धांतों के आधार पर हो गए हैं, हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि मतभेदों को कम करने में समय लगेगा।
