भारत में लाखों स्टूडेंट घर से दूर रहकर पढ़ाई करने के लिए जाते हैं। स्टूडेंट अपनी हायर एजुकेशन, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए हॉस्टल और पीजी में रहते हैं। घर से दूर रहकर पढ़ाई करना हर स्टूडेंट के लिए एक नया चैलेंज होता है क्योंकि यहां पर स्टूडेंट को अपने सभी काम खुद करने होते हैं। यहां पर घर की तरह आपके पास आपकी मां या परिवार के लोग नहीं होते जो आपका ध्यान रखें। इसी के साथ स्टूडेंट को पढ़ाई का दबाव, घर की याद आना, नई जगह पर खुद को एडजेस्ट करना और अन्य कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं कारणों की वजह से स्टूडेंट की मेंटल हेल्थ प्रभावित होती है।
इस समस्या को समझने के लिए हमने राजीव गांधी गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट आयुर्वेदिक कॉलेज, पपरोला (RGGPG) के BAMS हॉस्टल में रहने वाली स्टूडेंट साक्षी मनचंदा से बातचीत की। साक्षी ने बताया कि तनाव, होमसिकनेस और एग्जाम का स्ट्रेस हॉस्टल लाइफ के सबसे बड़े चैलेंज हैं। मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट भी मानते हैं कि घर से दूर रहना और शैक्षणिक प्रेशर छात्रों के मेंटल हेल्थ को प्रभावित कर सकता है।
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अच्छा खाना ना मिलना
स्टूडेंट्स का कहना है कि हॉस्टल में अच्छा और न्यूट्रिशस खाना ना मिलने के कारण उन्हें कई बार कमजोरी और थकान महसूस होती है। जिसका असर उनकी पढ़ाई और डेली लाइफ पर भी पड़ता है। साथ ही, उनका कहना है कि अगर खाना अच्छा और न्यूट्रिशस होगा, तो वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर पढ़ाई पर बेहतर ध्यान दे सकते हैं।
अकेलापन महसूस होना
घर पर आप अपनी सब बातें अपनी परिवार वालों से शेयर कर सकते हैं लेकिन हॉस्टल में आपके पास कोई नहीं होता जिसे आपको अपनापन महसूस हो। यहां पर हम दोस्त बनाने की कोशिश करते हैं लेकिन वे आपकी बातों को आपकी मां के तरीके से नही समझ पाते। कम समय होने के कारण परिवार वालों से कुछ ही समय के लिए बात हो पाती है।
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मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल
हॉस्टल में स्टूडेंट का मन ना लगने के कारण व खाली समय के दौरान मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। ज्यादा देर तक मोबाइल चलाने से उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती है, पढ़ाई में ध्यान कम लगता है और कई बार थकान भी महसूस होती है।
खर्च की चिंता
स्टूडेंट ने बताया कि फीस, हॉस्टल खर्च और अन्य जरूरतों के लिए बार-बार घर से पैसे मांगना भी उन्हें अच्छा नहीं लगता है। इसी कारण वे कम पैसे खर्चने की कोशिश करते हैं और अपनी जरूरतें पूरी ना होने के कारण भी उनकी मेंटल हेल्थ प्रभावित होती है।
हॉस्टल में रहने के दौरान परिवार वालें हमेशा अपने बच्चों का हौसला बढ़ाते हैं लेकिन वे हर समय उनसे बात नहीं कर पाते। ऐसे में स्टूडेंटस को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिससे वे स्ट्रेस महसूस करते हैं और इसका प्रभाव उनकी मेंटल हेल्थ पर भी पड़ता है।
