इंडियन आर्मी अग्निवीर कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन (CEE) 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। इसके बाद अब युवा फिजिकल टेस्ट और आगे की प्रक्रिया की तैयारी में लग गए हैं। लाखों युवा इस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं लेकिन युवाओं के मन में अपने भविष्य को लेकर चिंता भी है। युवाओं के मन में सवाल है कि अगर चार साल बाद उन्हें सेना में सेवा देने का मौका नहीं मिला, तो उनके पास क्या विकल्प होंगे। अग्निवीरों को सेना में सिर्फ चार साल के लिए सेवा का मौका मिलता है और इसके बाद कुछ को ही पर्मानेंट पोस्टिंग मिल पाती है। 

 

अग्निवीर भर्ती अग्निपथ योजना के तहत की जाती है और इस योजना के ऐलान के समय ही यह घोषणा भी कर दी गई थी कि भारतीय सेना में भर्ती हुए अग्निवीरों में से एक-चौथाई को सेना में ही रिटेन किया जाएगा। इसके लिए चार साल की सर्विस के दौरान उन्हें परखा जाएगा। अग्निवीरों को उनके ऑपरेशनल एप्टीट्यूड, हथियार कौशल, शारीरिक फिटनेस व अन्‍य स्किल्‍स के टेस्‍ट्स में परफॉर्मेंस के आधार पर रेटिंग मिलेगी। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए अग्निवीरों को 15 साल सर्विस का मौका मिलेगा। इसके बाद जो अग्निवीर रिटायर हो जाएंगे उनके पास भी नौकरी के कई विकल्प मौजूद हैं। 

 

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क्या है अग्निवीर योजना?

भारत सरकार ने साल 2022 में अग्निपथ योजना लागू की थी। इस योजना के तहत तीनों सेनाओं, थल सेना, वायु सेना और नौसेना में जवान, एयरमैन और नाविक जैसे पदों पर इस योजना के तहत भर्ती की जाती है। इस योजना के तहत जिन्हें भर्ती किया जाता है उन्हें अग्निवीर कहा जाता है। इस योजना में सिर्फ चार सालों के लिए ही भर्ती किया जाता है। चार साल बाद 25 प्रतिशत जवानों को रिटेन कर लिया जाता है और अन्य सभी को रिटायर कर दिया जाता है। रिटायर होने वाले जवानों को रिटायरमेंट पर 11.71 लाख रुपये फंड के तौर पर दिए जाते हैं। इस योजना में रिटायर होने वाले अग्निवीरों के लिए पेंशन का प्रावधान नहीं है।  

जुलाई में रिटायर हो रहा पहला बैच

अग्निवीर का पहला बैच जुलाई 2026 में अपनी 4 साल की सेवा पूरी करके रिटायर हो रहा है। इस बैच को भारतीय सेना के में 2023 में शामिल किया गया था, जिनका कार्यकाल अब समाप्त हो रहा है। इनमें से 25 प्रतिशत अग्निवीरों को पर्मानेंट किया जाएगा और अन्य 75 प्रतिशत को सेवा मुक्त किया जाएगा। 

राज्य सरकारें दे रही आरक्षण

पूर्व अग्निवीरों को कई राज्य सरकारें सरकारी नौकरियों में आरक्षण दे रही हैं।हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में सरकारें इस तरह की घोषणाएं कर चुकी हैं। हरियाणा ने तो कुछ विशेष पदों पर अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत तक आरक्षण कर दिया है।दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के 20 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित हैं। उम्र सीमा और फिजिकल टेस्ट में भी अग्निवीरों को छूट है। 


मार्च 2026 में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर 2027 में चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद अग्निवीरों को लेकर एक पत्र लिखा। इस पत्र में अमित शाह ने अग्निवीरों  के लिए 20 प्रतिशत पद आरक्षित करने को कहा है। इसी क्रम में पहले ही कई राज्य सरकारें फैसले ले चुकी हैं। 

 

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केंद्रीय बलों में भी आरक्षण

राज्य सरकार पुलिस और अन्य भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण दे रही हैं। इसके साथ ही केंद्रीय सुरक्षा बलों में भी पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण दिया जा रहा है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) में पूर्व-अग्निवीरों के लिए ग्रुप सी के पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसके साथ ही फिजिकल टेस्ट से भी छूट दी गई है। रेलवे में लेवल-1 के पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण और लेवल-2 के पदों पर 5 प्रतिशत आरक्षण रखा गया है। 

 

इसके साथ ही कॉस्ट गार्ड और डिफेंस पीएसयू में भी पूर्व अग्निवीरों के लिे सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत डॉरिजॉन्टल आरक्षण रखा गया है। इन सभी जगहों पर रिटायर होने के बाद अग्निवीरों को मौका मिल सकता है।  2022 में जब सरकार ने इस योजना की घोषणा की थी तो बताया था कि रिटायर होने के बाद अग्निवीरों को पैरानिल्ट्री फोर्स, असम राइफल्स सहित राज्य सरकारों के पुलिसबल में आरक्षण दिया जाएगा।