कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गुरुवार को देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन करने की चेतावनी दी है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं दिया, तो देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन किए जाएंगे।
दीपके ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 'जंतर-मंतर 2.0' निश्चित रूप से होगा और चुनाव आयोग के खिलाफ देश में लोगों को सच्चाई बताई जाएगी। सीजेपी ने चुनाव आयोग से तीन मांगे रखी हैं।
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सुप्रीम कोर्ट पर भी कड़ा हमला
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, दोनों सह संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ज्ञानेश कुमार, बीजेपी, केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट पर भी कड़ा हमला किया।
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सीजेपी की तीनों प्रमुख मांगे...
- ज्ञानेश कुमार का फौरन इस्तीफा हो। उनके खिलाफ तुरंत आपराधिक मुकदमा दायर किया जाए। साथ ही इसकी जांच हो कि उन्हें काम करवाने के लिए कौन आदेश दे रहा है?
- आगामी सभी चुनावों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी जाए। जनवरी 2024 के वोटर लिस्ट को बहाल किया जाए और एसआईआर को फौरन रोका जाए। सुप्रीम कोर्ट एसआईआर से जुड़ी सभी फाइलों को सी किया जाए।
- साल 2023 के कानून उस कानून को वापस लिया जाए, जो चुनाव आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से संरक्षण देता है और नया कानून बनाया जाए। इसमें सिविल सोसाइटी की भागीदारी हो।
'सबसे बड़े देश द्रोही हैं ज्ञानेश कुमार'
अभिजीत दिपके ने कहा, 'मुख्य चुनाव आयुक्त सबसे बड़े देश द्रोही हैं। ज्ञानेश कुमार इस देश के सबसे बड़े देश द्रोही हैं। उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि वे भारत के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। हमारे देश में लोकतंत्र का क्या मतलब था? लोकतंत्र का मतलब था कि लोग सरकार चुनेंगे। जब से ज्ञानेश कुमार चीफ इलेक्शन कमिश्नर बने हैं, सरकार तय कर रही है कि किसे वोट देने दिया जाएगा और किसे नहीं। क्या यह लोकतंत्र है? यह लोकतंत्र का कैसा उदाहरण है? आपने लोकतंत्र के पूरे कॉन्सेप्ट को उल्टा कर दिया है।'
चुनावों को बहिष्कार करे विपक्ष
उन्होंने यह भी कहा कि अगर विपक्षी दलों को लगता है कि चुनावों में धांधली हो रही है तो उन्हें चुनावों में भाग नहीं लेना चाहिए। दीपके ने कहा, 'अगर आपको पता है कि चुनावों में धांधली हो रही है तो आप इसमें भाग नहीं ले सकते हैं। आपको अपना रुख तय करना होगा। ज्ञानेश कुमार भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं।'
उन्होंने चुनाव आयोग पर यह तय करने का आरोप लगाया कि किसे वोटिंग करने की अनुमति दी जाएगी। दीपके ने सीईसी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, 'ज्ञानेश कुमार हमारे मतदान का अधिकार छीनने वाले कौन होते हैं?'
