भारत में शिशु मृत्यु दर (IMR) लगातार कम हो रही है लेकिन बच्चियों की मौत के आंकड़े अब भी चिंता बढ़ा रहे हैं। सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 24 शिशुओं की मौत दर्ज की गई। इनमें लड़कों की शिशु मृत्यु दर 24 रही, जबकि लड़कियों की मृत्यु दर 25 दर्ज की गई। यानी लड़कियों की मौत लड़कों के मुकाबले ज्यादा हो रही है। इस मामले में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सबसे ऊपर हैं। जो गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।
रिपोर्ट बताती है कि पिछले एक दशक में देश की शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है। वर्ष 2014 में जहां IMR 39 थी, वहीं 2024 में यह घटकर 24 रह गई। इसके बावजूद देश में औसतन प्रत्येक 42 नवजात शिशुओं में से एक बच्चा अपना पहला जन्मदिन देखने से पहले ही दम तोड़ देता है।
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मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हालात बेहद गंभीर
शिशु मृत्यु दर के मामले में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की स्थिति काफी चिंताजनक नजर आती है। साल 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में कुल शिशु मृत्यु दर 35 रही। यहां लड़कों की शिशु मृत्यु दर 35 है, जबकि लड़कियों की दर इससे थोड़ा ज्यादा यानी 36 दर्ज की गई है।
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वहीं, छत्तीसगढ़ की तस्वीर और भी ज्यादा चिंता बढ़ाने वाली है। राज्य में कुल शिशु मृत्यु दर 36 दर्ज की गई, जो सभी राज्यों में सबसे ज्यादा है। यहां लड़कों की शिशु मृत्यु दर 35 रही लेकिन लड़कियों की मृत्यु दर बढ़कर 38 तक पहुंच गई। यानी लड़कियों की मौत की दर लड़कों के मुकाबले 3 अंक ज्यादा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
| रैंक | राज्य | कुल IMR (2024) | पुरुष IMR (2024) | महिला IMR (2024) |
| 1 | छत्तीसगढ़ | 36 | 35 | 38 |
| 2 | मध्य प्रदेश | 35 | 35 | 36 |
| 3 | उत्तर प्रदेश | 35 | 36 | 35 |
| 4 | मेघालय | 31 | 32 | 29 |
| 5 | असम | 29 | 29 | 29 |
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शिशु मृत्यु दर में पिछले 5 वर्षों का विश्लेषण
अगर 2019 से 2024 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में शिशु मृत्यु दर में लगातार सुधार देखने को मिला है। 2019 में जहां प्रति हजार जीवित जन्म पर 30 शिशुओं की मौत हो रही थी, वहीं 2024 में यह आंकड़ा घटकर 24 रह गया है। लड़कों की शिशु मृत्यु दर भी 30 से घटकर 24 हो गई है। वहीं, लड़कियों की मृत्यु दर 31 से घटकर 25 पर पहुंची है। मध्य प्रदेश की बात करें तो 2019 में यहां कुल शिशु मृत्यु दर 46 थी। उस समय लड़कों की मृत्यु दर 49 और लड़कियों की 43 थी। छत्तीसगढ़ में 2019 में कुल शिशु मृत्यु दर 40 थी और लड़के-लड़कियों दोनों की मृत्यु दर बराबर 40 थी।
