चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी पार्टियां संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में महाभियोग प्रस्ताव नोटिस लाने का ऐलान किया है। इंडिया गठबंधन में शामिल दलों ने चुनाव आयोग से संबंधित हालिया खुलासों के बाद ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए यह नोटिस लाने जा रही हैं। सभी दल अगले कुछ दिनों में संसद के दोनों सदनों में नोटिस देने की तैयारी में हैं।

 

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन में शामिल विपक्षी पार्टियों से संपर्क किया है। सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर आम सहमति बन गई है और हाल में चुनाव आयोग के अंदर मतभेदों से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद इस पहल को आगे बढ़ाने की तैयारी है।

 

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दो बार पहले भी आ चुका है महाभियोग प्रस्ताव

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दल तीसरी बार नोटिस देने की तैयारी में हैं। बीते 24 अप्रैल को राज्यसभा में 73 विपक्षी सांसदों ने ज्ञानेश के खिलाफ नोटिस दिया था। इससे पहले भी दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों की ओर से ऐसा प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया था, जिसे खारिज कर दिया गया था। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत निर्धारित है और इसके लिए संसद में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होता है।

 

 

 

 

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मतदाता सूची के SIR को लेकर बढ़ा बवाल

दरअसल, अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने देशभर में मतदाता सूची के SIR के दौरान नाम जोड़े और हटाए जाने समेत कई मुद्दों पर आपत्तियां जताई थीं। मगर, ज्ञानेश ने इन आपत्तियों को बार-बार नजरअंदाज किया। 

 

दूसरी तरफ, चुनाव आयोग ने कहा कि विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग मत होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है तथा उसके सभी फैसले स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप हैं।