प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा पर इंडोनेशिया से बुधवार शाम ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं। उनका पहला पड़ाव मेलबर्न है और अब आगे न्यूजीलैंड भी जाएंगे। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से गुरुवार को उनकी मुलाकात होगी। यह यात्रा, भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों देशों के लिए खास है। 

भारत की परमाणु क्षमताओं के लिए ऑस्ट्रेलिया का साथ जरूरी है। ऑस्ट्रेलिया में यूरेनियम का सबसे बड़ा भंडार है, जिससे भारत की सिविल परमाणु जरूरतें पूरी हो सकती हैं। ऑस्ट्रेलिया समंदर से आसमान तक भारत का अहम साझेदार रहा है। अब रक्षा क्षेत्र में दोनों देश और करीब आ सकते हैं।

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भारत को इस दौरे से क्या मिलेगा?

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम की व्यावसायिक आपूर्ति का समझौता होने की उम्मीद है। ऑस्ट्रेलिया के पास दुनिया का सबसे ज्यादा यूरेनियम भंडार है। 2014 में दोनों देशों ने सिविल न्यूक्लियर समझौता किया था, लेकिन अब तक सिर्फ 2017 में एक बार ही यूरेनियम भेजा गया था। नया समझौता भारत के न्यूक्लियर पावर बढ़ाने के लक्ष्य को मदद करेगा।

भारत 2047 तक 100 गीगावॉट न्यूक्लियर बिजली पैदा करना चाहता है। दोनों देश समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में भी नई साझेदारी बढ़ा रहे हैं। यात्रा के दौरान जॉइंट मैरीटाइम सिक्योरिटी कोलैबोरेशन रोडमैप जारी होने वाला है। 2009 का पुराना सुरक्षा सहयोग घोषणापत्र भी अपडेट किया जाएगा। 

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सेना के लिए यह दौरा खास क्यों है?

दोनों देश पहले से ही संयुक्त सैन्य अभ्यास करते हैं, 2021 में लॉजिस्टिक्स सपोर्ट समझौता हो चुका है, जिससे एक-दूसरे के बंदरगाहों का इस्तेमाल आसान हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी इंडिया-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम को भी संबोधित करेंगे। 

व्यापार के लिए यह दौरा क्यों खास है?

दोनों देश बीच का व्यापार समझौता (ECTA) को और बेहतर बनाने यानी पूर्ण आर्थिक सहयोग समझौता (CECA) बनाने की बात कर रहे हैं। 2022 के बाद भारत के ऑस्ट्रेलिया को निर्यात दोगुने से ज्यादा हो गए हैं। इस यात्रा से क्वाड (Quad) देशों के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मजबूत सहयोग बढ़ेगा।

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किन कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे पीएम?

मोदी भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। ऑस्ट्रेलिया में करीब 10 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाते हैं। यह यात्रा ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और लोगों के बीच संबंधों को नई ऊर्जा देने वाली मानी जा रही है।