पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने सोमवार को अपना पहला बजट पेश किया। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कुल 4.39 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा। बीजेपी सरकार ने घोषणापत्र में जो वादे किए थे, उनके लिए भी बजट आवंटित किया गया है। सरकार कल्याण, बुनियादी ढांचे और उद्योग क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। सरकार ने पिछले साल की तुलना में राजस्व घाटे को करीब 19,000 करोड़ रुपये कम कर 21,984 करोड़ रुपये कर दिया है। सरकार ने लोक लुभावने वादे तो किए हैं लेकिन सिर पर 8,15,891 करोड़ का कर्ज है।
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के लिए ग्रांट बढ़ाया है। बीते साल साल के संशोधित ग्रांट से इस बार केंद्र की मदद 49,325 करोड़ रुपये बढ़कर 71,393 करोड़ रुपये हो गई है। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि पिछली ममता बनर्जी सरकार से 8,15,891 करोड़ रुपये का भारी कर्ज विरासत में मिला है। यह कर्ज राज्य के लिए बड़ा बोझ है। कर्ज के बाद भी सरकार मुफ्त और लोक कल्याणकारी योजनाओं पर पैसे खर्च करने की तैयारी में है।
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पश्चिम बंगाल सरकार के बजट में है क्या?
बीजेपी सरकार ने वादा किया था कि अन्नपूर्णा योजना सहित कल्याणकारी योजनाओं पर 36,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। अन्नपूर्णा योजना के तहत 25 से 60 साल की पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। यह योजना, ममता बनर्जी के लक्ष्मी भंडार योजना की जगह ले रही है। इसके दायरे में राज्य की 1.3 करोड़ से ज्यादा महिलाओं आएंगी।
बजट में महिला, बाल विकास और समाज कल्याण विभाग को सबसे ज्यादा 52,308 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है। पश्चिम बंगाल सरकार सरकारी नौकरियों में रिक्त पदों पर भर्ती निकालने की तैयारी में है। नई रिक्तियों में 33 फीसदी सीटें, महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। बजट में 20,000 पुलिस विभाग में, 50,000 शिक्षा विभाग में, 1,000 ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स में और बाकी अन्य विभागों में नियुक्तियों का लक्ष्य रखा गया है।
वित्त मंत्री ने सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेज में पढ़ने वाली अविवाहित छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए 1,000 करोड़ रुपये की विशेष सहायता का बजट आवंटित किया है। प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना और कमजोर वर्ग के लिए दूसरी योजनाओं पर सरकार ने 21,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
आशा कार्यकर्ताओं का सरकार मानदेय भी 5000 रुपये बढ़ा रही है। नए कॉलेज से लेकर सैनिटरी पैड वेडिंग मशीन तक लगाने के लिए बजट आवंटित किया गया है।
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8,15,891 करोड़ का कर्ज, किसके सहारे योजनाएं होंगी पूरी?
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने दावा किया है कि डबल इंजन की सरकार में अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट सकती है। सरकार ने कई योजनाओं का एलान तो किया है लेकिन योजनाएं पूरी कैसी होंगी, इसके लिए सरकार अब बजट में बाजार से 80,444 करोड़ रुपये का कर्ज लेने का प्रस्ताव तैयार कर चुकी है। अब राज्य का कुल कर्ज करीब 9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
उम्मीद क्या जताई जा रही है?
पश्चिम बंगाल सरकार ने दावा किया है कि राज्य की आर्थिक स्थिति में डबल इंजन के साथ सुधार दिखने शुरू हो गए हैं। 3 वित्तीय संकेतक एक साथ सुधर रहे हैं। राजस्व घाटा, ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GSDP) के घटकर 2.07 फीसदी से घटकर 1.02 फीसदी रह गया है। वित्तीय घाटा 3.40 फीसदी से घटकर 2.91 फीसदी हो गया है। यह फिस्कल रेस्पॉन्सबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट (FRBM) एक्ट 2003 के तय नियमों के भीतर ही हैं। कर्ज का अनुपात भी थोड़ा कम होकर 37.98% रह गया है।
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अब किन योजनाओं पर खर्च होंगे पैसे?
तृणमूल कांग्रेस सरकार में कई केंद्रीय योजनाओं का लाभ पश्चिम बंगाल में नहीं मिल रहा था। आयुष्मान भारत, पीएम किसान, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाएं पश्चिम बंगाल में नहीं लागू थीं। अब इन योजनाओं में केंद्र सरकार के फंड का भी इस्तेमाल करेगी, सिर्फ राज्य पर पड़ने वाला वित्तीय भार कम होगा।


