पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को विपक्षी गठबंधन 'इंडिया अलायंस' को याद किया। बीते लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन से दूरी बनाने वाली ममता बनर्जी इसके करीब आ रही हैं। 4 मई को बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद उन्होंने रविवार को कहा कि इंडिया गठबंधन में शामिल पार्टियों की जून के पहले हफ्ते में बैठक हो सकती है। इसमें एक संयुक्त रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी खेमा एक लंबी राजनीतिक लड़ाई के लिए तैयार है। ममता ने फेसबुक लाइव संबोधन में कहा, 'हम लड़ने के लिए तैयार हैं। हम अंत तक हार नहीं मानेंगे।'
यह भी पढ़ें: 'पैसा नहीं, सरकारी खजाना खाली...', चुनावी वादों पर CM सम्राट को तेजस्वी ने घेरा
चुनावी धांधली का लगाया आरोप
बीजेपी पर नए सिरे से हमला करने के लिए इस मंच का इस्तेमाल करते हुए, तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लगभग 150 विधानसभा क्षेत्रों में उनकी पार्टी के पक्ष में आए नतीजों को पलट दिया गया। ममता ने कहा, 'जीती हुई सीटों को हारी हुई सीटों में और हारी हुई सीटों को जीती हुई सीटों में बदल दिया गया।'
SIR प्रक्रिया पर उठाया गंभर सवाल
तृणमूल सुप्रीमो ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान और चुनाव प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोपों को दोहराते हुए दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया से समझौता किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया, 'शुरुआत में एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 60 लाख नाम हटा दिए गए थे। हालांकि, बाद में कई नामों को बहाल कर दिया गया, लेकिन हमारे पास ऐसी जानकारी है, जो विभिन्न चरणों में हेरफेर और अनियमितताओं का संकेत देती है।'
यह भी पढ़ें: पार्षद बन ही गए ललित किशोर तिवारी, मेयर ने दिलाई शपथ, कहां अटका था पेच?
ममता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस उन निर्वाचन क्षेत्रों में कानूनी उपायों का सहारा लेगी, जहां चुनाव प्रक्रिया के संचालन को लेकर सवाल बने हुए हैं।
बीजेपी ने किया पलटवार
उन्होंने दावा किया कि ऐसा नहीं होता तो तृणमूल कांग्रेस को 220 से 230 सीट मिल जातीं। इन आरोपों को खारिज करते हुए, बीजेपी की वरिष्ठ नेता किया घोष ने ममता पर चुनावी नतीजों को स्वीकार करने से इनकार करने और साजिश के सिद्धांतों के माध्यम से हार को सही ठहराने की कोशिश करने का आरोप लगाया। घोष ने सवाल उठाया कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख अब चुनाव प्रक्रिया पर चिंता क्यों जता रही हैं, जबकि उनकी पार्टी ने 2011, 2016 और 2021 में जीते गए चुनावों को वैध माना था।
हार स्वीकार नहीं कर पा रहीं ममता
घोष ने कहा, 'वह हार का सामना करने में असमर्थ हैं और इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। अगर 2011, 2016 और 2021 के चुनाव निष्पक्ष थे, तो आप अचानक अब सवाल क्यों उठा रही हैं? ममता साजिश की बात फैलाकर संविधान की अवहेलना कर रही हैं। उनके लिए जीत का मतलब है बूथ पर कब्जा, हिंसा और राजनीतिक विरोधियों पर हमला।'
