कर्नाटक के जयनगर विधानसभा क्षेत्र में 5,698 वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए कथित तौर पर फर्जी फॉर्म-7 जमा कराने का मामला सामने आया है। इस मामले में जयनगर पुलिस ने दो बूथ लेवल एजेंट (BLA) और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह मामला सोमवार रात दर्ज हुआ। कर्नाटक महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सौम्या रेड्डी की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई। सौम्या रेड्डी 2018 से 2023 तक विधायक थीं लेकिन 2023 में सिर्फ 16 वोटों से चुनाव हार गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया है कि दोनों BLA भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े हैं। 

 

शिकायत करने वाली सौम्या रेड्डी जयनगर से पूर्व विधायक हैं और 2023 के विधानसभा चुनाव में वहां से कांग्रेस की उम्मीदवार थीं। वह सिर्फ 16 वोटों से चुनाव हार गई थीं।

क्या है फॉर्म-7 का मामला?

FIR के मुताबिक, विशेष गहन पुनरीक्षण ( SIR ) अभियान के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) को फॉर्म-7 आवेदन दिए गए। इनमें झूठा दावा किया गया कि 5,698 वोटर स्थायी रूप से क्षेत्र से बाहर चले गए हैं। फॉर्म-7 का इस्तेमाल वोटर सूची में किसी नाम पर आपत्ति दर्ज कराने या उसे हटाने के लिए होता है। शिकायत में कहा गया कि इन आवेदनों में जानबूझकर गलत जानकारी भरी गई।

 

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FIR में आरोप है कि यह काम खासतौर पर अल्पसंख्यक समुदायों के वोटरों को निशाना बनाकर किया गया। बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदेह माने जाने वाले अन्य वर्गों के वोटरों को भी इससे प्रभावित किया गया।

दूसरों के नाम का इस्तेमाल

शिकायत के अनुसार, दो नागरिकों सी. रमेश और उनकी पत्नी रूपा को बिना जानकारी दिए उनके नाम और वोटर ID का इस्तेमाल किया गया। उनके नाम पर BLO के पास फर्जी फॉर्म-7 जमा किए गए।FIR में यह भी कहा गया है कि कुछ फॉर्म-7 आवेदन BLO लोकेश के पास जाली हस्ताक्षर के साथ जमा किए गए थे।

 

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जयनगर पुलिस ने आरोपी BLA रामकृष्ण, योगेश और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।