बिहार के मंत्री और जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता अशोक चौधरी ने पटना स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित जनता दरबार के दौरान राज्य की प्रशासनिक स्थिति और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का रुख बताया। उन्होंने प्रदेश में बढ़ रहे अपराध और विपक्षी दलों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि बिहार में पूरी तरह कानून का राज कायम है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बिना किसी भेदभाव के काम कर रही है और राज्य में न्याय के साथ विकास की नीति पर काम किया जा रहा है।
जनता दरबार में अशोक चौधरी ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं। कई मामलों में उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को फोन कर कार्रवाई के निर्देश दिए। सड़क, नाली, जमीन, पेंशन और थाना से जुड़े मामलों को लेकर सैकड़ों लोग जनता दरबार में पहुंचे थे। मंत्री ने एक-एक कर लोगों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि सरकार हर शिकायत को गंभीरता से ले रही है।
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अपराध पर सरकार की सख्ती
अशोक चौधरी ने बिहार की बड़ी आबादी का जिक्र करते हुए कहा, 'बिहार करीब 14 करोड़ की आबादी वाला बड़ा और घनी आबादी वाला राज्य है। इतने बड़े राज्य में कुछ छिटपुट आपराधिक घटनाएं हो सकती हैं। इन्हें पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की नाकामी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। दुनिया के बड़े-बड़े देशों में भी अपराध की घटनाएं होती हैं। बिहार भी इससे अलग नहीं है। सरकार का ध्यान इस बात पर रहता है कि घटना के बाद पुलिस और प्रशासन कितनी जल्दी और निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करते हैं। बिहार में किसी भी तरह की घटना होने पर कानून अपना काम शुरू कर देता है और दोषियों को बख्शा नहीं जाता। पुलिस 24 घंटे के अंदर कार्रवाई करती है और अपराधियों को जेल भेजा जाता है। यही कानून का राज है।'
मंत्री ने कहा, 'नीतीश कुमार ने 2005 के बाद बिहार में कानून का राज स्थापित किया है। पहले क्या स्थिति थी यह सभी जानते हैं। शाम के बाद लोग घर से नहीं निकलते थे। आज रात में भी लोग बेखौफ घूमते हैं। यह बदलाव नीतीश कुमार की देन है। विपक्ष को यह पच नहीं रहा है इसलिए वह हर छोटी घटना को बड़ा बनाकर पेश करता है।' विपक्ष के लगातार हमलों पर अशोक चौधरी ने कहा, 'राज्य में अपराध को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। कोई व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो अपराध करने पर उसके खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई की जाती है। सरकार किसी को बचाती नहीं है। अपराधी चाहे किसी भी दल का हो उसे सजा मिलेगी।'
अशोक चौधरी ने कहा, 'बिहार पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। पुलिस को खुली छूट दी गई है और वह बिना किसी दबाव के काम कर रही है। अगर कहीं पुलिस लापरवाही करती है तो उस पर भी कार्रवाई होती है। कई थानाध्यक्षों को सस्पेंड किया गया है। जनता दरबार में आम लोगों की समस्याएं सुनकर सरकार लोगों के सीधे संपर्क में रहती है। इसका मकसद प्रशासन की कमियों को दूर करना और लोगों को पारदर्शी तरीके से सुविधा देना है। कई बार अधिकारी लोगों की बात नहीं सुनते लेकिन जनता दरबार में मंत्री सीधे उनकी समस्याएं सुनते हैं और कार्रवाई करते हैं।'
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जनता दरबार में लोगों ने रखी शिकायतें
पटना स्थित जदयू कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में सुबह से ही लोगों की भीड़ रही। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। किसी ने सड़क नहीं बनने की शिकायत की तो किसी ने जमीन पर कब्जे की। कई लोगों ने थाना में केस नहीं लिए जाने और पेंशन नहीं मिलने की भी शिकायत की। मंत्री ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित जिलों के अधिकारियों को फोन कर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़ी सभी सड़कों की शिकायतों को वह खुद देखेंगे। जहां सड़क खराब है वहां जल्द मरम्मत कराई जाएगी। उन्होंने कहा, 'सरकार न्याय के साथ विकास की नीति पर काम कर रही है। हर वर्ग, हर जाति और हर धर्म के लोगों का विकास हो रहा है। बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पूरी तरह सजग है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिहार में कानून का राज था है और रहेगा।'
