केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भगीरथ को POCSO मामले में तेलंगाना हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने गुरुवार को उन्हें नियमित जमानत दे दी। अदालत ने 1 लाख रुपये के निजी मुचलके, दो जमानतदारों और कुछ शर्तों के साथ जमानत मंजूर की है। हालांकि, अदालत ने साफ किया है कि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी।

 

बंदी भगीरथ के खिलाफ यह मामला तेलंगाना के पेटबशीराबाद पुलिस थाने में दर्ज FIR से जुड़ा है। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और 75 के तहत महिला की मर्यादा भंग करने और यौन उत्पीड़न के आरोप हैं। इसके अलावा, उनके खिलाफ POCSO अधिनियम की धारा 11 और 12 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

 

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क्या हैं पीड़िता के आरोप?

पीड़िता की मां की ओर से दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बंदी भगीरथ ने जून 2025 में शादी का वादा कर उनकी बेटी से संबंध बनाए। शिकायत के अनुसार, अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच उन्होंने युवती के साथ आपत्तिजनक हरकतें कीं और उस पर शराब पीने का दबाव भी बनाया। FIR में यह भी कहा गया है कि 7 जनवरी 2026 को संबंध खत्म होने के बाद युवती ने उसी महीने दो बार आत्महत्या करने की कोशिश की थी।

 

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भगीरथ ने आरोपों को बताया साजिश

बंदी भगीरथ ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह मामला उनके खिलाफ रची गई साजिश का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि जिस दिन यह मामला दर्ज हुआ, उससे कुछ घंटे पहले ही उन्होंने करीमनगर-2 टाउन पुलिस स्टेशन में युवती के परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। भगीरथ का आरोप है कि युवती के माता-पिता ने उनकी बेटी के आत्महत्या करने की धमकी देकर उनसे 5 करोड़ रुपये की उगाही करने की कोशिश की थी। उनका कहना है कि उसी शिकायत के जवाब में उनके खिलाफ यह मामला दर्ज कराया गया।