पंजाब सरकार एक बार फिर से कर्ज लेने वाली है और इसके लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं। पंजाब के वित्त विभाग ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। पंजाब सरकार का दावा है कि वे यह कर्ज विकास कार्यों के लिए ले रहे हैं। वित्त मंत्री का दावा है कि इस राशि का इस्तेमाल विकास परियोजनाओं और पूंजीगत खर्चों के लिए किया जाएगा। पंजाब पर कुल कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है और इसको लेकर अब विपक्ष सरकार पर भी हमलावर है।
सितंबर 2025 में आई CAG की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि पंजाब सरकार ने अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) से अधिक उधार लिया है। CAG ने इसे राज्य की गंभीर वित्तीय स्थिति का संकेत बताया है। 2022-23 के लिए CAG की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस अवधि में राज्य का कर्ज 2.76 लाख करोड़ रुपये था लेकिन सितंबर 2025 तक यह कर्ज 4 लाख करोड़ से ऊपर जाने का अनुमान था। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक यह कर्ज 4.5 लाख करोड़ के आसपास पहुंच गया है।
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पंजाब पर लगातार बढ़ता कर्ज
एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 वित्त वर्ष के अंत तक पंजाब देश का सबसे ज्यादा कर्ज वाला दूसरा राज्य है। संसद में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने जो आंकड़े पेश किए थे उनके अनुसार भी पंजाब देश का दूसरा सबसे ज्यादा कर्जदार राज्य है। वित्त वर्ज 2024-25 के अंत तक पंजाब पर कुल कर्ज 3.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।
विपक्ष ने उठाए सवाल
पंजाब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर पंजाब को वित्तीय संकट में धकेलने का आरोप लगाया है। ढिल्लों ने कहा कि पंजाब सरकार के वित्त विभाग की ओर से कर्ज लेने की अधिसूचना जारी करना सरकार के दावों की पोल खोल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार जीएसटी, वैट और राजस्व में बढ़ोतरी का दावा करते हैं लेकिन सरकार का बार-बार कर्ज लेना कुछ और ही कहानी बता रहा है।
कितना लिया कर्ज?
आम आदमी पार्टी की सरकार पर विपक्ष अब बार-बार कर्ज लेने का आरोप लगा रहा है और पंजाब को कर्ज में धकेलने के आरोप लगा रहा है। केवल सिंह ढिल्लों ने दावा किया कि 2022-23 में आम आदमी पार्टी की सरकार ने 24 हजार करोड़, 2023-24 में 28 हजार करोड़ और 2024-25 में 34,201 करोड़ का कर्ज लिया है। इसके साथ ही उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जनवरी तक 20,770 करोड़ रुपये का कर्ज लेने का दावा किया है।
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कितना है कर्ज?
पंजाब में साल 2022 में कुल 2.82 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था। यह कर्ज अब बढ़कर 4.17 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसके साथ ही अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक यह कर्ज बढ़कर 4.48 लाख करोड़ रुये तक पहुंच सकता है। पंजाब सरकार ने खुद अपने बजट में 31 मार्च 2027 तक कुल कर्ज 4.47.754 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया है।
