केरल में 36 वर्षीय रैपलिंग ट्रेनर और तैराक आर राजेश ने अपनी जान गंवाकर एक किसान को डूबने से बचा लिया। उनके इस साहसिक कार्य की हर तरफ चर्चा हो रही है। आर राजेश तिरुवनंतपुरम जिले के रहने वाले थे। वह बाढ़ प्रभावित कन्नूर जिले में राहत एवं बचाव कार्य में जुटे थे।
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशान ने राजेश के निधन पर दुख प्रकट किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'राजेश ने कन्नूर के पुलिंगोम में बाढ़ में डूब रहे एक व्यक्ति को बचाने के लिए अपनी लाइफ जैकेट दान कर दी, जिसके बाद बाढ़ के पानी में डूबकर उनकी मृत्यु हो गई। मानवता के प्रति उनके इस सर्वोच्च बलिदान और निस्वार्थ प्रेम को सदा याद रखा जाएगा।'
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कन्नूर जिले में मांथुली द्वीप के पास राजेश बचाव अभियान में जुटे थे। तभी 61 वर्षीय किसान बेनी पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया। इसी दौरान राजेश ने अपनी लाइफ जैकेट किसान को दे दी। किसान की जान तो बच गई, लेकिन राजेश खुद को नहीं बचा सके। तीन दिन बाद मंगलवार को उनका शव मिला है।
राजेश ने 2018 में आई बाढ़ और 2024 में वायनाड भूस्खलन में भी लोगों की जान बचाई थी। वे मीनथुल्ली जलप्रपात पर रैपलिंग ट्रेनर के तौर पर काम करते थे। कन्नूर जिले में 1 अगस्त को भारी बारिश के बाद आई बाढ़ के बाद से बचाव अभियान में जुटे थे।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भूस्खलन की जानकारी मिलने पर किसान बेनी मांथुली द्वीप पर स्थित अपने कॉफी के बागान गया था। लेकिन मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ में किसान फंस गया। इसकी जानकारी राजेश को मिली तो वह अपने साथियों शिबिन और जिथिन के साथ करियांगोडे नदी पाकर द्वीप पर पहुंचे।
किसान को जब सुरक्षित लाया जा रहा तो उस वक्त उसे परेशान हो रही थी। तभी राजेश ने अपनी लाइफ जैकेट उतारकर बुजुर्ग किसान को पहना दी। सभी लोग एक रस्सी के सहारे नदी पार करने लगे। मगर किनारे पहुंचने पर राजेश का हाथ छूट गया और वह तेज बहाव में बह गया।
