बिहार में जल्द ही महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इस विश्वविद्यालय में कुलपति से लेकर प्रोफेसर, कर्मचारी और छात्र सभी महिलाएं होंगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि जब महिलाएं समृद्ध होंगी तभी बिहार भी समृद्ध होगा और भारत विकसित बनेगा। उन्होंने 7,376 महिलाओं के सरकारी नर्स के रूप में चयन को महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी के अवसर बढ़ने की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया। इसके साथ ही 31 मार्च तक 10 लाख जीविका दीदियों के घरों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य भी तय किया गया है।

 

यह घोषणा पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में की गई। कार्यक्रम की थीम ‘विकसित भारत-समृद्ध बिहार’ और ‘बहनों का सम्मान, सरकार की पहचान’ थी। रक्षाबंधन से पहले आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने दीप जलाकर की। इसी दौरान ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान की शुरुआत भी की गई। कार्यक्रम में जीविका दीदी संध्या कुमारी ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी और उनकी लंबी उम्र की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी उन्हें उपहार दिया।

 

यह भी पढ़ें: 'त्रासदी के लिए चीन जिम्मेदार', नेपाल की बाढ़ पर बोले जीतन राम मांझी

5 लाख महिलाओं के खाते में 600 करोड़

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख महिला लाभुकों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 600 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई। इसके साथ ही जीविका निधि से 10 हजार लाभुकों को ऋण भी दिया गया। कार्यक्रम में विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत 112 ग्रामीण हाट के निर्माण कार्य की शुरुआत भी की गई। इससे गांवों में बनने वाले स्थानीय सामान को बेचने के लिए बेहतर जगह मिलेगी और महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री के सामने नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता को लेकर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान और ‘लखपति दीदी’ से जुड़ी पुस्तिकाओं का विमोचन किया।

 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि बिहार में महिला विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। इस विश्वविद्यालय में कुलपति से लेकर प्रोफेसर, कर्मचारी और छात्र सभी महिलाएं होंगी। उन्होंने कहा कि यह देश में अपनी तरह का अलग विश्वविद्यालय होगा जहां महिलाओं को नेतृत्व करने का पूरा मौका मिलेगा। उन्होंने रक्षाबंधन के मौके पर बिहार की सभी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 31 मार्च तक 10 लाख जीविका दीदियों को चिन्हित कर उनके घरों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे इन परिवारों को सौर ऊर्जा का लाभ मिलेगा, बिजली का खर्च कम हो सकता है और जीविका दीदियां सोलर के जरिए कमाई भी कर सकेंगी।

महिलाओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024-25 में हुए महिला संवाद के दौरान महिलाओं की मांग पर बिहार में सभी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है। राज्य में बिजली उपभोक्ताओं को करीब 23 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि महिला संवाद के बाद ही वर्ष 2016 में बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई थी। फिलहाल स्वयं सहायता समूहों से 1 करोड़ 81 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बिहार की अर्थव्यवस्था में जीविका दीदियों का योगदान करीब 1.46 लाख करोड़ रुपये का है। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में आज महिलाएं ज्यादा आत्मविश्वास के साथ काम कर रही हैं और इससे परिवार के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है।

 

यह भी पढ़ें: बिहार में जमीन सर्वे का काम होगा तेज, 38 जिलों की रोज होगी निगरानी

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका दीदियों को नशामुक्ति अभियान से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए पूरे बिहार में नुक्कड़ नाटक और दूसरे माध्यमों से लोगों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित नर्स बहाली परीक्षा में चयनित 7,376 महिलाओं को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकारी नर्स के रूप में महिलाओं का चयन सरकारी सेवा में उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बिहार को एनीमिया मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाने की भी बात कही। इसके तहत नवंबर तक एक करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच करने और जरूरत के अनुसार उन्हें मुफ्त दवा देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

महिलाओं की सुरक्षा पर भी जोर

महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल, कॉलेज, कार्यालय और जीविका समूहों के आसपास ‘पुलिस दीदी’ की तैनाती की गई है। महिला पुलिसकर्मियों को मोटर बाइक भी दी गई है ताकि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के साथ उनकी शिकायतों पर जल्दी कार्रवाई की जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में करीब 40 हजार महिला पुलिसकर्मी काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर सरकार का लगातार ध्यान है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए भी काम किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया था। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2020 में तय किए गए 10 लाख लोगों को नौकरी और 10 लाख लोगों को रोजगार देने के लक्ष्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके तहत 50 लाख से ज्यादा लोगों को नौकरी और रोजगार से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में डिग्री कॉलेजों की संख्या बढ़ाने के साथ कई संस्थानों में पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर की जा रही है। विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा देने के लिए मॉडल स्कूल भी विकसित किए जा रहे हैं।